शहाबगंज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रदेश में पहले सामूहिक विवाह का आयोजन जिले के स्थानीय ब्लाक मुख्यालय परिसर में आयोजित हुआ। गरीब परिवार के 15 युवक युवतियों का रजिस्ट्रेशन किया गया और दोपहर में मंडप सजाकर शहनाई की धुन, मंगल गीत और वेद मंत्रों के बीच 13 जोड़ों ने एक दूसरे के गले में वरमाला डाली। वहीं दो मुस्लिम परिवार के युवक युवतियों ने काजी से निकाह पढ़वाया। नव जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए डीएम, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों की भीड़ उमड़ी।
सोमवार की सुबह से ही ब्लाक परिसर दुल्हन की तरह सजने संवरने लगा था। दोपहर होते-होते वर और कन्या पक्ष के लोग पहुंचने लगे थे। देखते ही देखते पूरा ब्लाक परिसर जन समूह से भर गया। दोपहर में पंजीकृत वर पक्ष के लोग बारात लेकर ब्लाक कार्यालय पहुंचे। यहां प्रशासनिक अधिकारियों ने वधू पक्ष की भूमिका निभाते हुए भव्य तरीके से बारात का स्वागत किया। इसके बाद 13 जोड़ों का वैदिक रीति रिवाज से विवाह कराया। दूसरी तरफ काजी एहसान खान ने दो मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़वाया। इस दौरान जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि गरीब घर की लड़की की शादी कराना सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। बताया कि प्रदेश में इसकी शुरुआत शहाबगंज ब्लाक से हुई है। एसपी संतोष सिंह ने इसमें बढ़ चढ़कर भागीदारी करने के लिए जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। बारात का स्वागत उपजिलाधिकारी रामसंजीवन मौर्य व खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह ने किया। इस दौरान ब्लाक प्रमुख शशि उपाध्याय, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष अरविंद मिश्रा, एडीओ समाज कल्याण उपेन्द्र पांडेय, श्याम उपाध्याय, जय प्रकाश मौर्य, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल तिवारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय पांडेय, वंश नरायन पांडेय आदि उपस्थित रहे।
शहाबगंज। मुसाहीपुर की बेबी और बेलावर के श्रवण कुमार, नकटी खुरुहुजा की तमन्ना बानो और सुदांव के हमीद, बेलावर की फरजाना और बेलावर के मोहम्मद नसीफ, बेलावर की पूजा और महादेवपुर के जितेंद्र कुमार, खिलची की सुमन और बरहनी के रामविलास, खास की संजीरा और सद्दापुर के बुद्ध, मूसाखांड के बबिता और दूबेपूर के राजू, जिगना के सुनीता और बरहनी के अनिल गुप्ता, अमांव के पिंटू कुमारी और नौडिहा के अजीत कुमार, शहाबगंज के रामवती देवी और बड़गांवा के हिरावन, बेलावर के हीना और बेलावर के मनोज, खरौझा के संगीता और भभुआ बिहार
के मकनू, ,बनभीषमपुर के राधिका कुमारी और डब्बू, खास के सोनम और नेवरसापुर के शिवबचन, अर्जी कृष्णापन के अंजनी और हेतिमपुर के सुदामा ने एक दूसरे का हाथ थामा।