चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर उनसे मिलने के लिए शिक्षा मित्रों ने योजना बनाई थी। जिस पर शिक्षा निदेशालय से इन लोगों पर कार्यवाही करने के लिए पत्र जारी कर दिया। जिसमें 22 व 23 सितंबर को विद्यालय से गायब रहने वाले लोगों की रिपोर्ट आख्या दोनों दिन निदेशालय ने शाम के तीन बजे तक मांग लिया था। जिसमें पहले दिन पूरे नौ विकास खंडों से 52 शिक्षा मित्र स्कूल छोड़कर गायब रहे।
निदेशालय से पत्र मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ-साथ एबीआरसी आदि को विद्यालय को निरीक्षण करने के लिए लगाया था। इसमें एक ही दिन में जिले के 400 परिषदीय विद्यालय की जांच की गई। विद्यालय जांच में सबसे पहले प्राथमिकता वहां रही जहां पर शिक्षा मित्रों का समायोजन हुआ है। और जिन स्थानों पर शिक्षा मित्रों की नियुक्ति हुई है। ऐसे में सभी विकास खंडों में जांच अभियान 22 सितंबर को एक साथ चला। इसमें कुल 52 शिक्षा मित्र अनुपस्थित रहे। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इसमें से 20 ऐसे शिक्षा मित्र हैं जो अवकाश पर थे।सकलडीहा विकास खंड के कुल 158 शिक्षा मित्रों में से एक अनुपस्थित तथा एक शिक्षा मित्र अवकाश पर थे। वहीं सदर विकास खंड में दो छुट्टी पर रहे। यहां पर कोई भी शिक्षा मित्र अनुपस्थित नहीं पाया गया। बरहनी में 168 शिक्षा मित्रों में से तीन अनुपस्थित रहे। शहाबगंज की स्थिति यह रही कि यहां पर कोई भी अनुपस्थित नहीं रहा। सात लोग अवकाश पर थे। चहनियां विकास खंड में तीन अनुपस्थित रहे। नियामताबाद में 18 अनुपस्थित रहे। नौगढ विकास खंड में पांच अनुपस्थित रहे और धानापुर में एक शिक्षा मित्र अनुपस्थित रहा। इन सभी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दूसरे दिन भी निरीक्षण का कार्य चलेगा।