चंदौली। आईटीसी की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही ‘बारहों महीने हरियाली’ योजनाओं की जानकारी लेने गुरुवार को एग्री एंड आईटीसी बिजनेस के ग्रुप हेड शिवकुमार ने बरहनी विकास खंड के जेवरियाबाद गांव स्थित ई-चौपाल सेंटर का निरीक्षण किया। वहीं खेत में की गई गेहूं की बोआई सहित किसानों से अन्य जानकारियां हासिल की। साथ ही स्वास्थ्य चौपाल में गांव के महिलाओं से सेवाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने चौपाल में जहां प्रगतिशील किसानों को आईटीसी की ओर से संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही क्षेत्र के चौपाल सागर मुहब्बतपुर गंजख्वाजा का निरीक्षण किया।
आईटीसी ग्रुप हेड ने जेवरियाबाद गांव में संस्था की ओर से गेहूं की बोआई का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने किसानों से आईटीसी की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं को जाना। साथ ही प्रदर्शनी में किसानों के लिए लगाए स्टाल देखे। उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर जीरो ट्रिल मशीन द्वारा बोआई को देखा। इसके अलावा प्रदर्शनी में लगाई गई उच्च पैदावार हेतु आधुनिक किस्मों के जैसे पीबी डब्ल्यू 550 व 154, केदार, एचडी 2967, एचडी 3086 व 2967 बीज के भी जानकारी ली। इस दौरान लालजी यादव, अमित सिंह, ठाकुर प्रसाद, राकेश सिंह, रतन सिंह, देवी प्रसाद, राजेश यादव, विकास सिंह, आशुतोष सिंह, प्रमोद सिंह आदि उपस्थित रहे।
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ई-चौपाल सेंटर में लगाई चौपाल
चंदौली। आईटीसी के एग्री बिजनेस सीईओ रजनीकांत ने कहा कि जनपद में लगभग 40 ई-चौपाल सेंटरों पर किसानों को नई तकनीकी, नए बीज सहित अन्य जानकारी दी जाती है। यहां से किसानों को मौसम, फसल के बाजार भाव, मृदा परीक्षण सहित अन्य जानकारी दी जाती है। ग्रुप हेड शिवकुमार ने जेवरियाबाद के प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगाई गई स्वास्थ्य चौपाल की जानकारी ली। जहां महिलाओं से आईटीसी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में गांव की महिलाओं से पूछताछ की।
आईटीसी के कार्य को सराहा
सचित्र-51 से 53
चंदौली। आईटीसी (चौपाल सागर) की ओर से चलाए जा रहे ‘बारहों महीने हरियाली’ कार्यक्रम व अन्य कार्यों को किसानों ने सराहा। किसान रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि आईटीसी के संपर्क में आने के बाद हमारी आय में इजाफा हुआ है। धान व गेहूं की फसल पैदा करने के बाद मूंग की खेती लाभ दायक साबित हो रही है। शशिकांत राय ने कहा कि आईटीसी सेंटर से नई तकनीक और नए बीज के साथ जानकारी मिलने से कम लागत में अच्छी खेती हो जाती है। अच्छी खेती के साथ पशुपालन व अन्य कार्य कर ले रहे हैं। कामेश्वर राय ने कहा धान व गेहूं के साथ सह फसली खेती कर रहे हैं।