सकलडीहा। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के तहत दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला की शुरूआत गुरुवार को स्थानीय ब्लाक सभागार में हुई। इसमें प्रधानों को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना तहत ग्राम पंचायत और ग्राम विकास विभागों द्वारा होने वाली कार्यों की गुणवत्ता पूर्ण कराने, ग्राम सभा की आर्य अर्जित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर में पंचायत विभाग का इतिहास और पृष्ठभूमि के साथ उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रधानों के अधिकार की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने गांव सभा में होने वाली तालाबों की नीलामी का एक चैथाई राजस्व विभाग को छोड़ शेष धन राशी ग्राम सभा में जमा कराने के बारे में बताया। कार्यशाला में विकास कार्यों की गुणवत्ता पूर्ण कराने का आह्वान किया गया। इस मौके पर सहायक विकास अधिकारी उपेन्द्र कुमार पांडेय, प्रशिक्षक दयाशंकर खरवार, सोहन भारती, रानी, ग्राम प्रधान दशरथ यादव, विजय मिश्रा, मनोज यादव, विवेक जायसवाल, श्रीराम कुशवाहा, दुर्गा पांडेय, रामचंदर पासवान, गोविंद मिश्रा, श्यामसुंदर, हरगेन मिश्रा, रामप्रताप, सुनील कन्नौजिया, भोला यादव, झारखंडेय तिवारी, अनिल यादव, लालदेव यादव मौजूद रहे।
सकलडीहा। ब्लाक सभागार में उन्मुखी कार्यशाला में 53 प्रधानों को बुलाया गया लेकिन उसमें सिर्फ 49 प्रधान आए। इसमें भी महिला प्रधान एक भी नहीं आई। महिला प्रधानपतियों ने कार्यशाला में शिरकत की। ऐसे में सवाल है कि अधिकारों की जानकारी नहीं होगी तो वे काम कैसे करेंगी। इस संबंध में एडीओ पंचायत उपेन्द्र तिवारी ने बताया कि बैठक में महिला ग्राम प्रधान को बुलाया जाता है लेकिन उनके पति ही आ जाते हैं।