कंदवा। क्षेत्र के जलालपुर गांव स्थित काली मंदिर परिसर में रामनवमी पर होने वाले 111 वर्ष पुराने दो दिवसीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता में शनिवार को महिला और पुरुष पहलवानों ने अपने दमखम और अपने अपने दांव पेंच का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में झांसी, मुरादाबाद, गाजीपुर, बलिया, मऊ , चंदौली और बिहार के नामी-गिरामी पहलवानों ने हिस्सा लिया।
कुश्ती की शुरूआत मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के सदस्य डॉ. हरेन्द्र कुमार राय ने फीता काटकर और पहलवानों से हाथ मिलवा कर किया। कुश्ती दंगल का दर्शकों ने जमकर लुफ्त उठाया। इस दौरान हुई महिला पहलवानों की कुश्तियों में रिया पहलवान मुरादाबाद और नितिका पहलवान मऊ की पांच हजार रुपये की कुश्ती बराबरी पर छूटी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. हरेन्द्र राय ने कहा कि कुश्ती प्राचीन भारतीय खेलों में शुमार है , लेकिन वर्तमान समय में लोगों की रूचि इस खेल से कम होती जा रही है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती को बढ़ावा देने की जरूरत है। दंगल में मौजूद दर्शकों ने भी पहलवानों का उत्साहवर्धन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी । वहीं कमेंट्रेटर ने अपनी कमेंट्री से दर्शकों का मन मोह लिया। विजेताओं को नकद राशि व अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। कुश्तियों में पप्पू हमीदपुर व अनिल अदसड़ की कुश्ती बराबरी पर रही। वहीं राकेश पहलवान अदसड़ ने अमरजीत जमानिया को पटखनी दिया। अनिल जमानिया ने बैजनाथ अदसड़ ,पप्पू गाजीपुर ने बीरा बलिया तथा रविन्द्र पहलवान बरंगा ने मोनू बनारस को पटखनी दिया। इस दौरान लगे मेले में बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने चाट पकौड़ी और मिठाई का भी स्वाद चखा। अंत में महिला पहलवानों पहलवान अदसड़ का रोमांचक मुकाबला हुआ। इस दौरान रमेश राय, डॉ. उमेश सिंह, संजय सिंह, गिरीश सिंह, अशोक सिंह, जयप्रकाश उपाध्याय, अजीत राय, जयप्रकाश सिंह रहे। निर्णायक संजय सिंह और संचालन रामप्रवेश ने किया।