फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्संग में विहंगम योग के बारिकियों को बताया

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। मनुष्य आध्यात्म विज्ञान के माध्यम से ही अपने मन को नियंत्रित कर सकता है। इंद्रियों को समूह शरीर है और मन इसका अधिपति होता है। मन ही जीवन बंधन एवं मोक्ष का कारण होता है। मन को आध्यात्म की ओर ले जाने से मनुष्य महान बन सकता है और विचलित होने पर नर्क का भागी होता है।
विज्ञापन

उक्त विचार मंगलवार को रेवसां स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में विहंगम योग की ओर से आयोजित योग और सत्संग कार्यक्रम के दौरान वक्ता दुर्गा प्रसाद पांडेय ने व्यक्त किया। कहा कि महर्षि सदाफल देव जी महाराज ने 17 साल की कठोर तपस्या के बाद ब्रह्मविद्या के ज्ञान को सबके लिए सुलभ बनाया। आज जब मानव तनाव भरी जिंदगी जी रहा है। उसे कहीं से किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है तो ऐसे में विहंगम योग की साधना उसे नया मार्ग और भवसागर से मुक्ति का रास्ता दिखाती है। कहा कि मन के विचलित होने पर मनुष्य तमाम कृत्य करने लगता है और मन को नियंत्रित करके वह कई ऐतिहासिक कार्यो को आसानी से अंजाम दे सकता है। इससे पहले ग्रामीणों और छात्रों को योगाभ्यास कराया गया तथा निधि सिंह ने भजन प्रस्तुत करके लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान केपी सिंह, केके मिश्र, बीबी दूबे, नरसिंह यादव, रामाकांत, प्रद्युम्न सिंह, मनोज सिंह, प्रशांत सिंह, निशांत सिंह, पवन यादव, विशाल यादव, सुजीत चौहान, शिवशंकर, प्यारेलाल, निठोहर प्रजापति, राजीव शर्मा, श्रीकांत उपस्थित रहे। संचालन जनार्दन सिंह और संयोजक ओमप्रकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें