चंदौली। सरेसर स्थित रैक प्वाइंट से चार सौ बोरी खाद गायब होने के मामला पीसीएफ के अधिकारियों पर भारी पड़ने लगा है। डीएम नवनीत सिंह चहल के सख्त रुख के बाद अधिकारी समितियों पर पहुंच स्टाक का मिलान कराने में लगे है। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट करने में असमर्थ है कि खाद गोदामों तक पहुंचने में इधर-उधर हुई है या अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से पार हो गई। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में खाद गायब होने की खबर छपने के बाद पीसीएफ के अधिकारियों ने रसीद से स्टाक का मिलान शुरू कर दिया है। वहीं पीसीएफ प्रबंधक शशिकांत भारती की माने तो खाद के उठान और गोदामों के स्टाक मिलाने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जएगी।
जनपद में किसानों को सही समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा अप्रैल में 13 हजार एमटी तथा अगस्त में 27 सौ एमटी खाद मालगाड़ी से सरेसर में उतारी गई थी। लेकिन समितियों और पीसीएफ के गोदामों में गेंहू भरे होने के चलते समय से खाद का उठान नहीं हो पाया। बाद में खाद को ट्रकों के माध्यम से गोदामों और समितियों पर पहुंचाया गया। लेकिन इस दौरान चार बोरी खाद गायब होने का मामला अधिकारियों के गले की हड्डी बन गया है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने मामले की जांच के आदेश दिए है। वहीं अधिकारी गायब खाद को खोजने में दिन रात एक किए हुए है। पीसीएफ प्रबंधक शशिकांत भारती ने बताया कि रैक प्वाइंट से खाद के उठान के चालान के हिसाब से समितियों और गोदामों के स्टाक का मिलान कराया जा रहा है। इसके बाद ही गायब खाद के बारे कुछ बताया जा सकता है।