चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी विकास भवन के समीप धरना दिया। लोगों ने शासन-प्रशासन के द्वारा उनके आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की। चेताया कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वें आमरण अनशन करेंगे। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्रेड पे को बढ़ाकर 2800 करने, एसीपी, पेंशन विसंगति को दूर करने, बाइक, स्टेशनरी और विशेष वेतन भत्ता देने, वित्त सेवा नियामावली को कैबिनेट में मंजूरी दिलाने, प्रोन्नति व कार्य करने को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल धरना-प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन शासन-प्रशासन मांगों को लेकर संवेदनहीन बना हुआ है। वहीं आंदोलन को कुचलने के लिए लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। लेकिन इससे जिला प्रशासन को कोई लाभ नहीं मिलेगा। लेखपाल संघ अपनी जायज मांगों को अडिग है। इसके लिए संघर्ष किया जाएगा। वहीं मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार व आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि जिला प्रशासन की ओर से आंदोलनरत लेखपालों के विरुद्ध यदि कार्रवाई करते हुए उत्पीड़न का प्रयास किया गया, तो वें आमरण अनशन शुरू करने को विवश होंगे। लेखपालों के धरना को किसान यूनियन के नेताओं ने भी अपना समर्थन दिया। यूनियन के जिलाध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरनास्थल पर पहुंचकर जायज मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने को हौसला बढ़ाया। धरना में धनंजय जायसवाल, सियाराम, रामकेश यादव, भोलाशंकर गौतम, लोकेश कुमार द्विवेदी, शमशेर यादव, रामबहाल सिंह, गुलाब, मानवेंद्र, रवि शामिल रहे।