नियामताबाद। अहरौरा बांध से निकले नाले पर कम्हरिया स्थित रेगुलेटर पर आठ गेट में चार गेट पिछले ढाई वर्ष से बंद है। भारतीय किसान संघ के महामंत्री अखिलेश सिंह ने गुरुवार को इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम के निर्देश के बाद एडीएम बच्चालाल और मूसाखांड बंधी प्रखंड के एईएन एसएन सिंह ने रेगुलेटर का निरीक्षण किया। मंत्रणा के बाद रेगुलेटर के दो और गेट खोलने का निर्णय लिया गया।
अहरौरा बांध से निकले नाले के सहारे पानी कर्मनाशा नदी में पहुंच जाता है। सिंचाई के लिए जगह जगह रेगुलेटर बनाए गए हैं। कम्हरिया में रेेगुलेटर में आठ गेट लगाए गए हैं। इससे यहां पानी रुकता है और आस पास के खेतों की सिंचाई होती है। वहीं बारिश के बाद खेतों में जमा अतिरिक्त पानी इसी नाले के सहारे निकल जाता है। पांच वर्ष पहले सपा शासन काल में यहां के खराब गेटों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन ढाई वर्ष के भीतर ही गेट खराब हो गए। इससे बारिश होने पर खेतों में जमा पानी नहीं निकल पा रहा है। इससे नियामाताबाद, बौरी, बुधवारे, रामपुर, भरतपुर, पचोखर, हसनपुर, रोहड़ा आदि गांवों की सैकड़ो एकड़ फसल जलमग्न हो जा रही है। किसानों ने बारिश की शुरूआत के पहले ही जून माह में भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। किसानों की मांग पर रेगुलेटर के चार गेट तो खोल दिए गए लेकिन चार गेट नहीं खुल सके। इससे सोमवार को हुई बारिश के बाद विभिन्न गांवों के सैकड़ो एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इसको देखते हुए अखिलेश सिंह ने गुरुवार को डीएम से वार्ता की। इसके बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। मंत्रणा के बाद दो और गेट खोलने का निर्णय लिया गया।