चंदौली। दस प्रतिशत आरक्षण के विरोध में विभिन्न संगठनों ने मंगलवार को सामूहिक रुप से विकास भवन के पास धरना दिया। लोगों ने भारत बंद के तहत नगर में जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। भारत बंद के तहत मंगलवार को बहुचजन मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, जन अधिकार पार्टी तथा अन्य दलों के लोगों ने विकास भवन के पास धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान के नियमों को दरकिनार करके आर्थिक आधार पर सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने का प्राविधान किया गया। इससे अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग का आरक्षण खतरे में है। सरकार साजिश के तहत गरीबों के आरक्षण को समाप्त करने का कुचक्र रच रही है। बैलेट पेपर के जरिए मतदान, 13 फीसदी रोस्टर प्रणाली लागू करने, जाति आधारित जनगणना, धार्मिक उन्माद रोकने आदि की मांग की। कहा भाजपा की सरकार में गरीब व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ा है। इस पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। सरकार गरीबों, किसानों को प्रलोभन देकर वोट हासिल करने का काम कर रही है। लेकिन गरीबों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति सुधारने को कोई पहल नहीं की जा रही। चेताया कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो गरीबों के हक को उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान कमलेश कुमार, रामबली सत्यार्थी, भीमराव अंबेडकर, बाबूलाल लोहार, नंदलाल, गिरजा प्रसाद, ब्रह्मानंद, विद्यासागर, शशिकांत उपस्थित रहे।