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शहीद की तेरही में जनप्रतिनिधियों-अधिकारियों का तांता

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शहीद की तेरहवीं में मंत्री, नेताओं, अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
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सजल नयनों से लोगों ने अवधेश को किया याद, किया सलाम
बीडीओ ने शहीद परिवार को दी आर्थिक मदद
अमर उजाला ब्यूरो
पड़ाव। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद बहादुरपुर गांव के अवधेश यादव की तेरहवीं में गुरुवार को मंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और क्षेत्रीय लोग जुटे। सुबह से लेकर देर रात तक लोगों का आना जाना लगा रहा। सजल नयनों से लोगों ने बहादुरपुर गांव के इस बहादुर लाल अवधेश को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए। नियामताबाद की बीडीओ रचिता सिंह ने 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की।
शहीद की तेरहवीं में सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया था। शुभचिंतकों, रिश्तेदारों के अलावा पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में सपा के राज्यमंत्री अनिल राजभर, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, विधायक साधना सिंह, शिव शंकर सिंह पटेल, कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी, सीआरपीएफ के जवान, बनारस रत्न व बनारस गौरव से सम्मानित डॉ सुल्तान ख़ान, अनिल गुप्ता गुड्डू, शुभम गुप्ता, तौफीक अहमद, धमेंद्र कुमार, सुनील राजभर, प्रधान श्रीवाश्रय यादव, पूर्वप्रधान चंद्रभान यादव, नियामताबाद पूर्व विधायक छब्बू पटेल, धनंजय सिंह, मुगलसराय थाना अध्यक्ष शिवानंद मिश्रा, प्रभुनाथ पांडेय, विरेन्द्र यादव, अरुण यादव के अलावा तमाम गणमान्य क्षेत्रीय लोग, शिक्षक शामिल थे।
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मार्च के दूसरे सप्ताह तक दे दिया जाएगा नियुक्ति पत्र
पड़ाव। शहीद अवधेश की तेरहवीं में श्रद्धांजलि देने पहुंचे राज्यमंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार ने सैनिक कल्याण बोर्ड में व्यवस्था की है कि यदि देश की रक्षा करते समय कोई भी सैनिक शहीद होता है तो उसके परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्च के दूसरे सप्ताह में 10 तारीख तक शहीद के परिवार को नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। इससे पहले उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं पिता हरिकेश यादव से भी हालचाल लिया और सांत्वना दी।
02-सदमे से उबर नहीं पा रहा शहीद अवधेश का परिवार
बोले पिता कैसे बीत गया 13 दिन, पता ही नहीं चला
पुष्प अर्पित करते समय विलख पड़ी मां और रो पड़े पिता
शिल्पी बस एकटक पति के चित्र को निहार रही
अमर उजाला ब्यूरो
पड़ाव। शहीद अवधेश यादव की तेरहवीं में गुरुवार को जहां लोग व्यस्त थे वहीं अभी उनका परिवार पूरी तरह से बेटे के खोने का गम भूल नहीं पा रहा है। सदमे में शहीद की मां मालती देवी और पत्नी शिल्पी हैं। मां मालती देवी अपने बेटे के गम में उदास बैठी हुई थी। पत्नी भी घर के कोने में पड़ी हुई थी। घर पर आई पास पड़ोस की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही थी। किसी तरह शहीद की पत्नी शिल्पी यादव ने पति को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें पुष्प पर चढ़ाया और काफी देर तक उनके चित्र के सामने बैठकर बस बार-बार अपने अपने शहीद पति को देख रही थी और उनके आंखों में आंसू की धारा बह रही थी।
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पिता हरिकेश यादव अपने शहीद बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित करते समय बेटे के सामने खड़े होकर विलख पड़े। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। शहीद के दो साल के बेटे निखिल ने भी अपने पापा को पुष्प अर्पित कर सलाम किया। यह देखकर लोगों की आंखे नम हो गई। पिता ने कहा कि आज देखते देखते 13 दिन कैसे बीता यह पता ही नहीं चल पाया वहीं शहीद के छोटे भाई बृजेश कुमार यादव ने भी अपने बड़े भाई सहीद अवधेश के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया।
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