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बैंकों की हड़ताल से 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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पीडीडीयू नगर। बैंक कर्मियों के लिए वेज रिविजन, पुराने पेंशन लागू करने, बैंकों का मर्जर बंद करने सहित चार सूत्री मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। जिले में बैंकों की हड़ताल से दो सौ करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ। वहीं आज की हड़ताल की वजह से लोगों को तीन दिन की परेशानी होगी।
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बैंककर्मियों की एक वर्ष से वेतन वृद्धि पेंडिंग है। वेतनवृद्धि के मुद्दे पर बैंकों के कर्ज में होने की बात कही जाती है जबकि बड़े बडे उद्योगपतियों को लोन दिए जाने और वापस न आने की वजह से बैंक घाटे में जा रहे हैं। अब बैंकों को आपस में विलय कर कर्मियों की छटनी की जा रही है। इसको लेकर लंबे समय से बैंक कर्मी आंदोलन रत हैं। शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले के सभी बैंकों में हड़ताल रही। जिले में 172 बैंक शाखाएं हैं। इसमें 112 राष्ट्रीयकृत बैंकों की और 60 निजी बैंकों की शाखाएं हैं। हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में तो कम लेकिन शहरी इलाकों में व्यवसाय अधिक प्रभावित हुआ। हड़ताली कर्मचारी वाराणसी पहुंच कर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। यूनियन बैंक अफसर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी गिरिधर गोपाल ने और यूनियन बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के कार्यकरिणी सदस्य बहाउद्दीन फ़ारूक़ी ने बताया कि लंबे समय से वेतनवृद्धि पेंडिंग हैं। बैंक कर्मी रिस्क कवर करते हैं लेकिन सरकार के उदासीन रवैये की वजह से उनका और उनके परिवार का भविष्य अच्छा नहीं दिख रहा है। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। इसी वजह से बैंककर्मियों ने हड़ताल की है। इसी तरह सिंडिकेट बैंक मुगलसराय के शाखा प्रबंधक एवं सिंडिकेट बैंक ऑफिसर यूनियन के सदस्य राज कुमार गुप्ता ने बताया कि नवंबर 2017 से 14 लाख बैंक कर्मियों की वेतन वलृद्धि पेंडिंग है। हड़ताल कभी भी बैंकर की पहली चॉइस नहीं होती। कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन सभी के लिए संविधान प्रदत मानवाधिकार है लेकिन बैंकों में अधिक कार्य और कम सैलरी का फार्मूला लगा दिया गया है। कहा कि चार्टर आफ डिमांड के हिसाब से नवंबर 2017 से वेतन वृद्धि करने, अधिकारी वर्ग में सभी स्केल एक से लेकर स्केल 7 तक की वेतन वृद्धि करने, बैंक अधिकारियों की कार्य की समय सीमा निर्धारित करने, बैंकों में पांच कार्य दिवस लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग पूरा न होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा। दूसरी तरफ बैंकों की हड़ताल की वजह से बैंकों में तीन दिन की बंदी हो गई। माह का चौथा शनिवार है और रविवार को छूट़्टी है। ऐसे में तीन दिवसीय बंदी से लोगों को मुश्किल होगी। इस संबंध में जिला अग्रणि प्रबंधक जय कुमार ने बताया कि मांगों के समर्थन में बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
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कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-2600
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