चंदौली। जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों के साथ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत कीं। उन्होंने बताया कि कि ट्रकों से जो राजस्व वसूली हो रही है। उससे जिला पंचायत के कर्मचारियों को वेतन आदि देने के साथ-साथ विकास कार्य में खर्च किया जा रहा है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के शह पर पुलिस रोक रही है। जबकि राजस्व वसूली के लिए बकायदा हाईकोर्ट का आदेश है। इस पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकार के किसी भी कार्य पर रोक लगाने से इंकार किया है।
जिला पंचायत द्वारा नौबतपुर व टेंगरा मोड के पास सोनभद्र व बिहार से बालू व गिट्टी लेकर आने वाले ट्रकों से जिले में इंट्री के नाम पर 500 रुपये प्रति ट्रक वसूली हो रही है। जिसकी जानकारी होने के बाद सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने ऐसे कार्य को बंद करने के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। विधायक के इस शिकायत पर अभी सरकार संज्ञान लेती इसके पहले ही पुलिस ने इन स्थानों पर ऐसे वसूली को बंद करा दिया। जिसके बाद सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने अपने पति व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबलि सिंह व अन्य सदस्यों के साथ जिलाधिकारी हेमंत कुमार से मिलकर शिकायत कीं कि राजस्व वसूली के लिए बकायदा ई टेंडर हुआ है। जिसकी नीलामी 1.50 करोड़ रुपये की हुई है। ऐसे में वसूली न होने पर राजस्व का घाटा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन्हीं आय से जिला पंचायत अपने कर्मचारियों को वेतन व पेंशन आदि का भुगतान करती है। इसके लिए किसी भी मद से कोई फडिंग की व्यवस्था नहीं होती है। जिला पंचायत के सदस्य भी साथ में रहे। जिलाधिकारी के यहां जब यह लोग शिकायत करने पहुंचे तो उन्होंने इस व्यवस्था पर किसी प्रकार की रोक लगाने से इंकार कर दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक के यहां शिकायत कीं। जिस पर पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने जीटी रोड पर किसी भी प्रकार की वसूली न होने देने की बात स्वीकार किए। जिसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने यह बकायदा शासनादेश के तहत राजस्व वसूली करने की बात बताई। जिस पर उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली नियम संगत है तो वह ऐसे किसी वसूली पर रोक लगाने के लिए नहीं कहे हैं। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य संदीप सिंह, शिवशंकर पटेल, संजय सिंह, सत्यवान मौर्य, भैरोनाथ गुप्ता, राजेश यादव, अरविंद यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।