चंदौली। पुलिस विभाग के डीआईजी अभियोजन विनय कुमार ने मंगलवार को मुख्यालय स्थित संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मुकदमों की फाइलों की छानबीन की। साथ न्यायालय में चल रहे मुकदमों की पैरवी सहित अन्य मामलों की जानकारी लेने के साथ ही एक वर्ष में एक हजार से अधिक मामलों का कोर्ट से निर्णय कराने पर खुशी जताई। डीआईजी अभियोजन के जनपद आगमन के मद्देनजर पुलिस विभाग के अधिकारी मंगलवार को दिनभर भागते-दौड़ते रहे। सुबह से ही संयुक्त अभियोजन कार्यालय में गहमा-गहमी रही। निरीक्षण के दौरान आईजी अभियोजन विनय कुमार ने कार्यालय के दस्तावेजों का निरीक्षण करने के साथ न्यायालय में लंबित मामलों से जुड़ी फाइलों का अवलोकन किया। प्रभारी अभियोजन निदेशक उदयभान ने बताया कि आईपीसी के अंतर्गत न्यायालयों में 13 हजार से अधिक मामले विचाराधीन है। इसमें वर्ष 2018 में 1668 तथा 11 हजार से अधिक मामले पहले के हैं। बताया कि पुलिस और अभियोजन की ओर से वर्ष 2018 में 1076 मामलों में न्यायालय द्वारा निर्णय दिया गया। इसमें 718 को कोर्ट ने सजा दी और 49 लोग बरी हो गए। इसके अलावा 118 मामलों में सुलह हो गई। इस पर डीआईजी ने प्रसन्नता जताई और कार्य में और गुणवता बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि अभियोन की मजबूत पैरवी के चलते ही पीड़ित को न्याय और अपराधियों को सजा मिल सकती है। इस दौरान जेष्ठ अभियाजन अधिकारी शालीग्राम गुप्ता, अभियोजन अधिकारी बंगाली, सहायक बृजेश कुमार, रमेश प्रसाद, शमिरा फैज, सूरज कुमार, बच्चालाल उपस्थित रहे।