नौगढ़। क्षेत्र के मरवटिया गांव में गुरुवार की रात 11 बजे तेज हवाएं चली। मात्र 15 मिनट तक चली तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। स्थिति यह है गांव में पचास से अधिक पेड़ उखड़ गए, वहीं एक दर्जन से अधिक घरों केे छप्पर उड़ गए। इससे गांव में दहशत का माहौल हो गया। पूरी रात जागकर व्यतीत करने के लिए लोग विवश हुए।
पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है और हवाएं भी चल रही हैं। गुरुवार की रात लोग खाना खाकर घरों में सोए हुए थे। रात 11 बजे हल्की बूंदाबांदी के बीच तेज हवाएं चलने लगीं। धीरे-धीरे हवाओं की गति तेज होने लगी। चक्रवाती हवाओं से मकानों के टीन शेड, फूस के छप्पर उड़ने लगे और खपरैल गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए। हवाओं की वजह से गांव के रामगति के दरवाजे पर लगा सीमेंट की चादर उड़कर क्षतिग्रस्त हो गई। इसी तरह चिंता केे दरवाजे पर खड़ी बोलेरो और मकान पर पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। छोटेलाल यादव, अमरजीत, कल्लू खरवार, सूबेदार यादव, छोटू, मुराहू, पतिराम, रामचेला के घर के दीवारों में दरार आ गई। वहीं खपरैल गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए। तेज हवाओं की वजह से गांव में जगह जगह पचास से अधिक पेड़ गिर गए। मकानों के गिरने और पेड़ उखड़ने से लोगों की नींद खुल गई और लोग घरों के बाहर भाग निकले। पंद्रह मिनट में हवाओं का वेग शांत हो गया लेकिन भय की वजह से पूरी रात लोगों ने जागकर बिताई। ग्राम प्रधान श्याम लाल केशरी ने डीएम से गांव में हुए नुकसान की जांच कराकर पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की।