चंदौली। सदर तहसील में ऋण मोचन के तहत खसरा खतौनी के सत्यापन के लिए किसान से घूस मांगने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। यही नही लेखपाल के वायस रिकार्ड को लैब में भेजा गया है। वायस रिकार्ड जांच में मामला सही पाया जाता है तो लेखपाल को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
सरकार ने किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने का वादा किया है। उसके लिए बैंकों को भी नोटिस दिया गया है कि किसानों को परेशान न किया जाय। जिला स्तरीय अधिकारियों को लगाकर भौतिक सत्यापन कराते हुए पात्र व्यक्तियों को लाभ देने के लिए दिशा निर्देश दिया गया है। शासन के मंशा के अनुसार इस कार्य में जिलास्तरीय टीम लगी हुई है। इसके तहत ऋण मोचन के नोडल अधिकारी जिलाकृषि अधिकारी को बनाया गया है। वहीं किसानों के खसरा, खतौनी के सत्यापन की जिम्मेदारी राजस्व टीम को दी गई है। बबुरी के सिकरी गांव में किसान से सत्यापन के नाम पर 200-200 रुपये घूस लेने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। इस शिकायत पर जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने एसडीएम को जांच का निर्देश दिया। एसडीएम के जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया। इसके बाद लेखपाल राजेंद्र प्रसाद को निलंबित कर दिया गया। डीएम हेमंत कुमार ने बताया कि लेखपाल के आरोप में जो वायस रिकार्ड उपलब्ध हुआ है। उसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। वहां से स्थिति स्पष्ट होने पर बर्खास्त करते हुए मुकदमा भी किया जाएगा।