चंदौली। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर जन सुनवाई की। उन्होंने महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को सुनने के बाद अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के लिए निर्देश दिया। इस दौरान 11 महिलाओं ने प्रार्थनापत्र दिया लेकिन मौके पर किसी को न्याय नहीं मिला। सभी मामले संबंधित विभागों के अधिकारियों के हवाले कर दिए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज में सबसे अधिक उत्पीड़न महिलाओं का हो रहा है। इसमें सबसे अधिक घरेलू मामले सामने आए हैं। इसलिए पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी समन्वय स्थापित करके महिलाओं पर बढ़ रहे उत्पीड़न के मामलों को रोकने का कार्य कंरें। कहा कि महिला उत्पीड़न के जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए वह प्रत्येक माह के प्रथम और तिसरे बुधवार को जिले में मौजूद रहेगी। इस दौरान वह पुराने मामलों के निस्तारण की स्थिती को भी परखेगी। इस दौरान कुल 11 महिलाओं ने अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने प्रार्थना पत्र दिया। जिस में सबसे अधिक नौ मामले पुलिस विभाग से जुड़ थे। जबकि एक शिक्षा विभाग और एक राजस्व से था। सभी मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को निस्तारण के लिए सौंप दिया गया। इस दौरान एएसपी प्रेमचंद्र, सीएमओ आरके मिश्र, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, महिला थानाध्यक्ष प्रमिला यादव, बीईओ राकेश सिंह, इंद्रावती, किशन वर्मा, पुष्कर कुमार, प्रियंवदा सिंह आदि उपस्थित रहे।