चंदौली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में एक बार फिर स्वच्छता का सर्वेक्षण होगा। इसमें ओडीएफ घोषित किए गए गांवों को भी शामिल किया जाएगा तथा पूर्व में कराए गए कार्यों का भी भौतिक सत्यापन होगा। शासन का फरमान मिलते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए हैं और असलियत उजागर होने का डर सताने लगा है। वहीं डीएम ने पत्र लिखकर विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों को 15 नवंबर तक चलने वाले सर्वे में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
स्वच्छता की हकीकत जानने के लिए सरकार की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में तमाम तरह की खामियां उजागर हुई थी। वहीं अधिकारियों ने गलत रिपोर्टिंग करने में भी कोई कमी नहीं किया। रैंकिंग सुधारने को निर्मित शौचालयों से अधिक का डेटा, बगैर शौचालय बने गांवों को ओडीएफ घोषित करना तथा फोटो अपलोडिंग में भी धांधली की बात उजागर हुई थी। जांच में प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर खामी उजागर होने पर सरकार ने दोबारा सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसमें जून 2018 तक ओडीएफ घोषित गांवों में स्वच्छता अभियान के सच्चाई की पड़ताल की जाएगी। साथ ही शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी जुटाया जाएगा। इसमें निजी एजेंसी के कर्मचारियों की भी तैनाती होगी। इस संबंध में डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए विकास से जुड़े अधिकारियों को पत्र भेजा गया है और इसमें लापरवाही करने वाले पर कड़ी कार्रवाई होगी।