कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश के बाद उमसभरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। आसमान में उमड़- घुमड़ रहे बादलों से एक बूंद भी पानी न बरसने से उमस बढ़ गई है।
लगभग एक सप्ताह पूर्व जब झूमकर बादल बरसे तो लोगों ने सोचा कि मानसून आ गया और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन उसके बाद बारिश नही होने से उमस बढ़ गई है। सोमवार को मौसम काफी गर्म रहा। बादलों के हटते ही आसमान से मानों आग बरसने लग रही थी। गर्म हवा से बचने के लिए लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर ही घरों से निकल रहे थे। बावजूद इसके गर्म हवा के थपेड़ों से लोग परेशान रहे। बारिश न होने से किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं। बारिश के भरोसे धान की नर्सरी डालने को तैयार बैठे किसानों का इंतजार लंबा हो गया है। बारिश न होने से खेतों में दिख रही थोड़ी- बहुत हरियाली गायब हो गई है। नहरें अभी भी बिन पानी ही दिख रही हैं। इससे किसानों की समय से धान की नर्सरी डालने की उम्मीद दम तोड़ने लगी है।