चंदौली। बेसिक स्कूलों का शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरू हो रहा है। लेकिन इसके लिए शिक्षा विभाग की तैयारी अभी अधूरी ही है। विद्यालयों में न तो बिजली कनेक्शन का काम पूरा हो पाया है और न ही शौचालय बन सका है। बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से प्राथमिक और मिडिल स्कूल पहले से जूझ रहे है। ऐसे मेें अधूरी तैयारी के बीच नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा। बच्चों को सत्र के शुरू में ही परेशानी उठानी पड़ेगी।
जिले में संचालित 1463 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। पेयजल, बिजली की समस्या तो है ही इसी मेें शिक्षकों की कमी पहले से है। विद्यालयों में वहीं 227 स्कूलों में अब तक शिक्षा विभाग टायलेट का निर्माण नहीं करा सका है। जबकि 292 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में विद्युतिकरण का काम होना बाकी है। जिले के 993 प्राथमिक और 470 जूनियर हाईस्कूल में लगभग दो लाख छह हजार छात्र पिछले सत्र में थे। इन स्कूूलों में 6385 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 2583 अध्यापकों के पद खाली हैं। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में 853 प्रधानाध्यापक और 1513 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। जबकि जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 467 और सहायक अध्यापक के 1357 पदों पर क्रमश: 198 और 1238 शिक्षक नियुक्त हैं। वहीं 14 विद्यालयों के खराब हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है।
227 स्कूलों में इस्तेमाल के लायक नहीं टायलेट
चंदौली। जिले के 227 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय की स्थिति काफी खराब है। पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के अनुसार नौगढ़ ब्लाक के 16 विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। वहीं शहाबगंज 18, बरहनी 37, नियामताबाद 27, चकिया 12, चंदौली 47, सकलडीहा 18 और धानापुर , चहनियां और नगर क्षेत्र के 52 विद्यालयों में शौचालय खराब हो चुके हैं।
परिषदीय विद्यालयों की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेज दिया गया है। शौचालयों के लिए पंचायती राज विभाग, हैंड पंप हेतु जल निगम और विद्युतिकरण के लिए बिजली विभाग को लिखा गया है। ताकि समय से दिक्कतों को दूर कर लिया जाए।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।