चंदौली। जिला पंचायती राज विभाग जनपद के पचास परिषदीय विद्यालयों को माडल विद्यालय बनाने जा रहा है। चयनित स्कूलों में छात्र और छात्राओं हेतु अलग-अलग आधुनिक शौचालय निर्माण के साथ ही शुद्ध पेयजल स्टैंड पोस्ट (रनिंग वाटर) की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इतना ही नहीं विद्यालय के परिसर में इंटरलाकिंग और सभी कमरों में फ्लोरिंग टाइल्स लगाने की भी कार्य योजना तैयार की गई है। सभी कार्य राज्य वित्त और चौदहवें वित्त के धन से कराए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की होगी। योजना को शीघ्र ही अमलीजामा पहनाने के लिए डीपीआरओ ने एडीओ पंचायतों को पत्र जारी कर दिया है।
पचास परिषदीय विद्यालयों को माडल विद्यालय बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों की सूची पंचायती राज विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। सदर विकास खंड के पांच प्राथमिक और चार उच्च प्राथमिक और अन्य सभी विकास खंडों से तीन प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों को माडल विद्यालय बनाया जाना है। डीपीसी अपेक्षा त्रिपाठी ने बताया कि राज्य वित्त और चौदहवें वित्त से विद्यालयों में आधुनिक शौचालय, हाथ धोने के लिए नल, पानी की टंकी, सबमर्सिबल, रनिंग वाटर, की व्यवस्था के साथ-साथ परिसर में इंटरलाकिंग और कमरों में टाईल्स लगाई जाएगी। विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बाल मैत्रिक शौचालय बनाए जाएंगे। इस बाबत जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि जिन पचास विद्यालयों को माडल विद्यालय बनाया जाना हैं उनमें सांसद, जिलाधिकारी और विधायक द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों को भी शामिल किया गया है। शीघ्र कार्य शुरू कराने के लिए एडीओ पंचायतों को निर्देश जारी कर दिया गया है।