शासन ने किसानों की धान खरीद का लक्ष्य जनपद में निर्धारित कर दिया है। पूरे जिले से 16 लाख 77 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद होगी। शासन से मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए विपणन विभाग ने 86 केंद्र बनाया है। पीसीएफ समेत नौ एजेंसियां धान की खरीद करेंगी।
विपणन अधिकारी के के सिंह ने बताया कि किसानों के धान की खरीद के लिए कुल 86 केंद्र बनाए गए है। पिछली वर्ष के सापेक्ष पांच केंद्र अधिक है। इन केंद्रों में सबसे अधिक केंद्र पीसीएफ की है। पीसीएफ पूरे जिले में 29 केंद्रों पर खरीद करेगी। जबकि खाद्य विभाग 9, एग्रो के 7, कर्मचारी कल्याण के 4, नैफेड के 4, एनसीसीएफ के 7, एफसीआई के 3 एग्रो एग्रीकल्चर के 4 व एनसीएमएल के 19 केंद्रों पर खरीद होगी। इन केंद्रों पर धान बेचने के लिए इस बार पहले ही किसानों को पंजीयन कराना होगा। खाद्य विभाग के वेबसाइट एफसीएसडाटयूपीडाटएनआईसीडाटइन पर जाकर किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय किसी भी प्रकार के कागजात की आवश्यकता नहीं है। बताया कि किसान किसी भी साइबर की दुकान से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकता है। बिन रजिस्ट्रेशन के इस बार धान की खरीद नहीं हो पाएगी। वहीं उन्होंने धान की खरीद के लिए शासन के दिशा निर्देश के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 17 प्रतिशत नमी के बाद के धान की खरीद नहीं हो पाएगी। 17 प्रतिशत नमी के धान का समर्थन मूल्य सरकार द्वारा 1565 रुपया प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। जिसमें 15 रुपया प्रति कुंतल पल्लेदारी व अन्य खर्च शामिल है।