चंदौली। जनपद के इंटर कालेजों में मध्याह्न भोजन योजना की प्रगति काफी खराब है। विडंबना यह कि गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद भी दोषी विद्यालयों के विरुद्घ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक ने विगत एक माह पूर्व आधा दर्जन इंटर कालेजों में निरीक्षण कर अनियमितता पकड़ी थी। डीएम ने तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र प्रेषित कर दोषी प्रधानाध्यापकों के विरुद्घ कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया था। लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक एमडीएम नीरज सिंह ने विगत अगस्त माह में आधा दर्जन इंटर कालेजों का निरीक्षण कर एमडीएम व्यवस्था का जायजा लिया था। सबसे खराब स्थिति महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज की थी। यहां मीनू और मानक के हिसाब से दूध और फल का वितरण नहीं किया गया था। बच्चों को निर्धारित मानक से कम मात्रा में सामग्री भी दी गई थी। जबकि इसी विद्यालय परिसर में जिला विद्यालय निरीक्षक का कार्यालय भी संचालित होता है। इसी तरह बीपी हायर सेकेंडरी स्कूल दुलहीपुर, एलबीएस बालिका इंटर कालेज मुगलसराय, नगर पालिका इंटर कालेज मुगलसराय, नेशनल इंटर कालेज सैयदराजा, बाबा कीनाराम इंटर कालेज रामगढ़ और जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज में भी मानक के अनुसार एमडीएम नहीं बना था। बीएसए ने जिला समन्वयक की रिपोर्ट से जिलाधिकारी हेमंत कुमार को अवगत कराया। डीएम ने 11 अगस्त को डीआईओएस को पत्र भेज विद्यालयों के विरुद्घ कार्रवाई का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक मामला ठंडे बस्ते में है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह का कहना है कि संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।