मुगलसराय। नगर स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मंगलवार की शाम मरीज सगीर (70) की मौत के बाद परिवारवालों ने अस्पताल के बाहर हंगामा मचाया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार मामले को शांत कराया। इसके बाद परिवार के लोग शव को अपने साथ ले घर गए। अस्पताल के संचालक डा. डीपी सिंह ने बताया कि जब मरीज को भर्ती किया गया था उस दौरान उनकी वास्तविक स्थिति से परिवारवालों को अवगत करा दिया गया था। कहा कि भर्ती मरीज सगीर की मौत सामान्य है।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत महमूदपुर निवासी सगीर (70) को एक तरफ लकवा मार दिया था। इसके बाद परिवार वालों ने उन्हें बीते छह अगस्त को जीटी रोड स्थित कैलाशपुरी के समीप एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। इलाज के दौरान मंगलवार की शाम हृदय गति रुकने से सगीर की मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले शव को अस्पताल से बाहर ले आए और हंगामा करने लगे। मृतक के परिवारवालों ने आरोप लगाया कि जब भर्ती के दौरान उनकी हालत खराब थी और चिकित्सक उनको संभाल पाने में सक्षम नहीं थे तो उन्हें मरीज को कहीं और रेफर कर देना चाहिए था। कहा कि ज्यादा से ज्यादा बिल बनाने के चक्कर में अस्पताल के चिकित्सकों ने ऐसा नहीं किया। वहीं अस्पताल के संचालक डा. डीपी सिंह ने बताया कि जब मरीज को भर्ती किया गया था उस दौरान उनकी वास्तविक स्थिति से परिवारवालों को अवगत करा दिया गया था। कहा कि उनकी मौत सामान्य है।