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वकीलों की गिरफ्तारी पर अड़े

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सकलडीहा। अधिवक्ता-लेखपाल वर्ग का विवाद बुधवार को भी बना रहा। गत दिनों हुई मारपीट के बाद मुकदमे में नामजद अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जहां बुधवार को लेखपाल कलमबंद हड़ताल पर रहे। वहीं दूसरी तरफ लेखपालों की ओर से दर्ज मुकदमे की वापसी को लेकर अधिवक्ता प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने में जुटे रहे। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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डेमोक्रेटिक बार के पूर्व अध्यक्ष रमाशंकर खरवार से हुए विवाद के बाद अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच पिछले दिनों तहसील सभागार में जमकर मारपीट हुई थी। घटना के बाद लेखपालों की ओर से डेमोक्रेटिक बार के अध्यक्ष शैलेन्द्र पांडेय, पूर्व अध्यक्ष रमाशंकर खरवार, योगेन्द्र मिश्रा दशरथ यादव, अतुल तिवारी, मनोज पांडेय सहित आठ नामजद सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कराया गया था। वहीं दूसरी ओर वकीलों ने तीन लेखपालों पर एससी-एसटी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया। अब अधिवक्ता प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं कि लेखपालों द्वारा वकीलों पर दर्ज कराया गया मुकदमा उठा लिया जाए। इस बाबत डेमोक्रेटिक बार के अध्यक्ष शैलेन्द्र पांडेय ने कहा कि लेखपालों की ओर से फर्जी तरीके से मुकदमा किया गया था, जिसे उठाए जाने की मांग अधिवक्ताओं की ओर से की जा रही है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता भी हुई है। वहीं दूसरी तरफ लेखपालों ने बुधवार को नामजद अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलमबंद हड़ताल जारी रखी । इस दौरान लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रद्युम्न मिश्रा, गुलाब, संजीव सिंह, प्रदीप सिंह, रंजना सिंह, आलोक पटेल, श्वेतिमा सिंह, मिथिलेश, रश्मि गुप्ता, होरीलाल, मानवेन्द्र, अनुभव आदि मौजूद रहे।
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वकीलों का कार्य बहिष्कार खत्म
सकलडीहा(ब्यूरो)। एसडीएम विकास सिंह के आश्वासन पर बार एसोसिएशन और डेमोक्रेटिक बार के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से बुधवार को जनहित में कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया। वकीलों ने बताया कि जनहित में शांति व्यवस्था के लिये कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस लिया गया। गुरुवार से न्यायिक कार्य होगा।
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पिछले दिनों वकीलों और लेखपालों के बीच हुए विवाद के चलते अधिवक्ताओं द्वारा एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के न्यायिक कोर्ट का कार्य बहिष्कार चल रहा था। यहां तक रजिस्ट्री कार्यालय और खसरा खतौनी भी मिलना बंद हो गई थी। बुधवार को 12 बजे से पूर्व सभी कार्य ठप थे। एसडीएम विकास सिंह की पहल पर वकीलों ने संयुक्त रूप से बैठक कर जनहित में कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया। इस बाबत बार अध्यक्ष हजारी सिंह और डेमोक्रेटिक बार के संरक्षक अजय सिंह ने बताया कि जनहित में कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस लिया गया। इस मौके पर संजय श्रीवास्तव, अखिलेश तिवारी, राजेश सिंह, श्यामजी प्रसाद, श्रीकांत सिंह,योगेन्द्र मिश्रा, दीनानाथ, शिवकुमार सिंह, यशवंत सिंह यादव ,राजेश सिंह, बुद्धिराम, जयप्रकाश ओझा, महेन्द्र राजभर आदि मौजूद रहे।
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जांच के बाद होगी गिरफ्तारी
सकलडीहा क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता ने लेखपालों व अधिवक्ताओं के मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमा के बाद भी गिरफ्तारी न होने के सवाल पर बताया कि अभी मामले की जांच-पड़ताल चल रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।
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स्कूलों में प्रवेश के लिए छात्र परेशान
लेखपालों के कलमबंद हड़ताल से स्कूलों में प्रवेश के लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र निर्गत न होने पर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को काफी ग्रामीण तहसील कर्मियों पर नाराजगी जताकर लौट गए।
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पीएसी तहसील परिसर में रही तैनात
लेखपालों और वकीलों के विवाद को लेकर सुबह से ही परिसर में पीएसी और पुलिस तैनात रही। देर शाम को वकीलों द्वारा कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस लेने पर पुलिस कर्मियों ने राहत महसूस किया।
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