मुग़लसराय। हावड़ा दिल्ली रूट पर महत्वपूर्ण मुगलसराय रेलवे स्टेशन नाम परिवर्तन को लेकर फंसा पेंच निकलने का नाम नहीं ले रहा है। स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन करने में शब्दों की सीमा आड़े आ रही है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम(क्रिस) में नाम बदले बिना टिकट पर नाम परिवर्तित नहीं हो सकता है। क्रिस में किसी स्टेशन का नाम हिंदी में 15 और अंग्रेजी में बीस अक्षर का छप सकता है, जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन में अक्षरों की संख्या ज्यादा है। ऐसे पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड को नाम छोटा कर प्रस्ताव भेजा है।
लंबे समय से मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने की कवायद की जा रही है। केंद्र सरकार के नाम बदलने का प्रस्ताव पास करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 जून को इस पर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था। इसके साथ ही मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय करने की सूचना जारी हो गई, लेकिन जब तक सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम में नाम नहीं बदला जाएगा, स्टेशन का नाम परिवर्तित नहीं हो सकता। क्रिस में नाम अंकित होने के बाद ही रेलवे के साधारण और आरक्षित टिकट पर मुगलसराय की जगह पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंकित हो सकता है। क्रिस में किसी स्टेशन का नाम हिंदी में 15 अक्षर में और अंग्रेजी में बीस लेटर से अधिक नहीं हो सकता। जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन मानक से ज्यादा है। ऐसे में दो जुलाई को पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर इस स्थिति अवगत कराया है। पत्र में स्टेशन का नाम अंग्रेस में पीटी डीडी उपाध्याय जेएन जबकि हिन्दी में पं दीनदयाल उ जं नाम रखने का प्रस्ताव दिया गया है। इन नामों के बीच तीन स्पेश भी रहेगा। इस प्रस्ताव को यदि मान लिया जाता है तो यूटीएस और पीआरएस में नए नाम से टिकट प्रिंट हो सकेंगे। प्रस्ताव पास होने के पऱ्हले लोगों को मुगलसराय जंक्शन के नाम से ही टिकट लेकर सफर करना पड़ेगा।