मुगलसराय। ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन शाखा दो के बैनरतले रेल कर्मियों ने नगर के पावर हाउस के गेट पर मीटिंग की। इस दौरान रेल कर्मचारी हितों की पूर्ति के लिए आवाज उठाई। इस दौरान रेलवे के निजीकरण करने का विरोध किया गया और रेलवे अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत की गई। चेतावनी दी गई कि समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष एके सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे अस्पताल भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। चिकित्सक मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को नहीं देखना चाहते हैं। आरोप लगाया कि रेल कर्मचारियों से सिक और फिट मेमो देने के लिए धन वसूली की जा रही है। रेलवे कालोनियों में साफ सफाई नहीं हो रही है। नालियां बजबजा रही है और चहुंओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी भ्रष्टाचार में लिप्त दिख रहे हैं। केंद्रीय सहायक महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मीटर सेक्शन की हालत दयनीय है। बिजली बिल की मनमाने ढंग से वसूली हो ही है। टाइप वन और टू की बिजली बिल ढाई हजार से साढ़े तीन हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। चेतावनी दी कि इसमें सुधार नहीं किया गया तो यूनियन उग्र आंदोलन करेगा। कहा कि महिला दिवस पर भी स्टाफ बेनिफिट फंड का पैसा निकाला गया है। सभा में पीएन सिंह, संजय, सतीश कुमार, डीएन वर्मा, विनोद कुमार यादव, आरसी सिंह यादव, आरएन सिंह, बंकिम मुखर्जी, जयप्रकाश, रामदास, अनिल कुमार, संतोष कुमार सिंह, एसपी सिंह, देवेन्द्र प्रसाद, अजय कुमार, देवेश, शिव कुमार बघेल, सूरज कुमार, संतोष गोंड, पवन कुमार, अनिल कुमार, जितेन्द्र ने विचार व्यक्त किए।