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Chandauli News: कटान रोकने के लिए 15 करोड़ खर्च, फिर भी समस्या बरकरार

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पीडीडीयू नगर। जिले में गंगा के तटवर्ती गावों में कटान की समस्या से निपटने के लिए दो साल पहले 15 करोड़ की कार्य योजना पर काम शुरू किया गया था। कुंडाखुर्द, गुरैनी और महुजी गांवों में टेक्सटाइल ट्यूब कटर और बोल्डर कटर लगाने का काम होना था। अफसरों की लापरवाही से कहीं काम अधूरा है तो कहीं गुणवत्ता में कमी की शिकायत आ रही है।
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कटान को रोकने के लिए कुंडा खुर्द गांव में मई 2022 में आठ करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से गंगा के एक हजार नौ सौ मीटर तट पर जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया। हर साल बाढ़ के दौरान नियामताबाद ब्लॉक के कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मौजा सुल्तानीपुर, शकूराबाद और कुंडाकला पंप कैनाल तक उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती थी। वर्ष 2021 के कटान से कुंडा खुर्द गांव की मुख्य सड़क, मंदिर और पीपल का पेड़ भी गंगा में समा गया था। तत्कालीन सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद 2022 में दो किलोमीटर तक 39 जियो ट्यूब कटर लगाए गए लेकिन अगले ही साल कुंडाखुर्द गांव की मलहिया बस्ती का मुख्य मार्ग कटान की भेंट चढ़ गया। ग्रामीणों ने इसकी कारण ट्यूब कटर की जाली क्षतिग्रस्त होना बताया था। ऐसे में 15 करोड़ की कार्ययोजना भी ग्रामीणों को कटान से राहत नहीं दिला सकी।

गुरैनी पंप कैनाल पर तीन करोड़ 75 लाख की जियो टेक्सटाइल्स ट्यूब कटर परियोजना स्वीकृत हुई थी। 20 फरवरी 2022 को विधायक सुशील सिंह ने परियोजना का शिलान्यास किया था। कार्यदाई संस्था की लापरवाही से अब तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। 65 में महज 39 टेक्सटाइल्स ट्यूब कटर लगाए गए हैं। वहीं, धानापुर ब्लॉक के महुजी गांव में कटान रोकने के लिए तीन करोड़ 10 लाख रुपये की कार्ययोजना को सिंचाई विभाग पूरा नहीं करा सका। कटान की वजह करीब 32 सौ बीघे का रकबा सिमटकर 800 बीघे का रह गया है।
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