पड़ाव (चंदौली)। साहुपुरी स्थित धोबियापुरा गांव के समीप पूर्वांचल ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप के किनारे एकत्र मोबिल और कचरे में शुक्रवार को आग लग गई। आग से प्रभावित दर्जनों घरों के आक्रोशित ग्रामीणों ने वर्कशॉप के कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप था कि आग के लौ की चपेट में आने से उनके घरों के छतों पर रखी पानी की टंकियां और पेड़ झुलस गए हैं और हजारों रुपये का नुकसान हो गया है।
गांव के समीप पूर्वांचल ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप बनाया गया है। इस वर्कशॉप में पुराने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाती है। मरम्मत कार्य के दौरान निकले कचरे और मोबिल को कर्मचारी वर्कशॉप के बगल में ही फेंक दिया करते हैं। इसी कचरे व मोबिल में शुक्रवार की दोपहर रहस्यमय परिस्थितियों में आग लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटों से आसपास के दर्जनों घरों के ऊपर रखी पानी की प्लास्टिक की टंकियां पिघल गईं और कुछ हरे विशालकाय पेड़ झुलस गए। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार स्पष्ट दिख रहा था। आरोप लगाया कि यहां के कर्मचारियों द्वारा मनमाने ढंग से कचरे व बेकार मोबिल को बाहर फेंक दिया जाता है। इससे काफी दुर्गंध भी उठती रहती है। साथ ही बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने तत्काल वर्कशॉप को अन्य जगह पर शिफ्ट नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में जवाहर सिंह, राकेश कुशवाहा, अजय, सोती पटेल, पन्नालाल चौहान, साधना, ललिता, रानी, सुमन, राधा तिवारी, उर्मिला, बिंदु, नंदा शामिल थे।