धानापुर। स्थानीय विकास खंड के गांवों में शौचालय निर्माण कराए बिना ही ब्लॉक को ओडीएफ घोषित करने को लेकर लोगों में आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन पहले ब्लॉक मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को महराई (बिंदपुरवा) के ग्रामीणों ने ब्लॉक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ब्लॉक कार्यालय पर ताला जड़ दिया और प्रदर्शन किया। बाद में एडीओ पंचायत और पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में अभी तक सभी पात्रों को शौचालय नहीं मिला है। शौचालय न बनने से ग्रामीणों को अभी भी खुले में शौच जाना पड़ता है। कई बार गांव के लोगों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उल्टे पूरे ब्लॉक को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। इस तरह अब उन्हें शौचालय की सुविधा नहीं मिलेगी। कहा कि शौचालय निर्माण में घोटाला किया जा रहा है। कागजों पर ही शौचालय बन जा रहे हैं, जबकि गरीबों के शौचालय नहीं बन रहे हैं। सुबह दस बजे पहुंचे ग्रामीणों ने कार्यालय में कार्य कर रहे अधिकारियों कर्मचारियों को उनके दफ्तर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद कार्यालय के बाहरी गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि एक पखवारे के भीतर पात्र गरीबों को शौचालय नहीं बनाया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। तालाबंदी की सूचना पर धानापुर थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र और एडीओ पंचायत बैजनाथ प्रसाद ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। एडीओ पंचायत ने दो दिन में ऐसे परिवारों की सूची मांगी जो पात्र हैं लेकिन उनके लिए शौचालय नहीं बना है। एडीओ के समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए और ताला खोल दिया। ताला जड़ने और धरना देने वालों में कुसुम, उर्मिला, चिंता, कंडा, संगीता, पार्वती, शिव बचन, संध्या, नगदू, मलुई देवी, गुरजी देवी, बेचू, अशोक, श्रीराम, संजय, मुन्ना, गब्बर, शिवमुनि, रमाशंकर, रूपा, वीरेंद्र, सुदामा, बुधनी, सिउत, सितेंदर, लक्ष्मीना, सूरत, सुगवती, लालदेई, आश देवी, फूलमती, बसंती, सुदामा बिंद, राजू डोम रहे।