पड़ाव। क्षेत्र के डांडी स्थित सेठ एमआर जैपुरिया में सीबीएसई के अध्यापकों के क्षमता के विकास के लिए जेंडर संवेदनशीलता लिंगात्मक बोध पर आयोजित कार्यशाला में स्कूलों में बढ़ रहे सेक्सुअल अपराध पर चर्चा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्र-छात्राओं के बीच कोई भेद नहीं करना चाहिए।
इलाहाबाद से आए मनोविज्ञान परामर्शदाता नित्यानंद सिंह और शिक्षा विद समीना नकवी ने कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। उन्होने कहा कि हमारे समाज में लिंगभेद समस्या बढ़ती जा रही है। यह ठीक नहीं है कहा कि हम सबको मिलकर इसे दूर करना होगा। शिक्षाविद समीना नकवी ने कहा कि हम सब शुरू से ही लड़के लड़कियों में फर्क कर देते हैं। मनोवैज्ञानिक तौर पर भी हम सबको अपनी भावनाओं को बदलना होगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य आशीष सक्सेना ने कहा कि लैंगिक सवेदंशिलता एक ऐसा विषय है जिस पर हमारा समाज खुलकर बहस करने से कतराता है। यही वजह है की अब लैंगिक संवेदनशीलता को देशभर में सभी स्कूलों में पाठ्यक्रम के तौर पर शामिल करने के लिये एक मुहिम की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, निदेशक श्याम सुंदर बजाज, सिद्धांत सचदेवा, प्रियंका मुखर्जी रहे। संचालन एवोन फ्लेमिंग ने किया।