चकिया। मुजफ्फरपुर बीयर से हो रहे रिसाव को बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने एक वर्ष पूर्व बीयर की मरम्मत पर खर्च किये गये 11 करोड़ रुपये पानी में बह गए है। पक्के बीयर के पश्चिमी छोर पर बड़ी दरार से एक नहर चलाने भर का पानी लगातार रिस रहा है। जिससे किसानों में गुस्सा व्याप्त है।
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान मुजफ्फरपुर बीयर से लगातार हो रहे पानी के रिसाव को बंद करने के लिए 11 करोड़ की परियोजना मंजूर की गई थी। इस परियोजना का काम भी सपा सरकार के दौरान ही आरम्भ हुआ लेकिन काम भाजपा सरकार के दौरान समाप्त हुआ। बीयर से रिसाव रोकने के लिए चंद्रप्रभा नदी वाले हिस्से में बीयर से सटाकर लम्बा चैड़ा आरसीसी की दीवाल तथा प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है। इस प्लेटफार्म निर्माण के दौरान बीयर पश्चिमी हिस्से में बने रिसाव प्वाइंट को टेक्निशियनों द्वारा नजरअंदाज कर दिए जाने से रिसाव प्वाईंट को बंद नही किया गया। इससे बीयर से लगातार 20 क्यूसेक पानी रिसकर चंद्रप्रभा नदी में गिर रहा है। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। भारतीय किसान यूनियन के नेता विरेन्द्र पाल, पारसनाथ पाण्डेय, यतीश तिवारी, धीरज श्रीवास्तव, घनश्याम सिंह, जग नारायण यादव आदि किसानों ने कहा कि मरम्मत के दौरान रिसाव प्वाईंट पर ध्यान न दिए जाने से पानी की कमी के दौरान किसानों को पानी मिलने में समस्या उत्पन्न होगी।