सकलडीहा। देश में कई जगह महापुरुषों की मूर्ति तोड़े जाने की घटना से अधिवक्ताओं में गुस्सा है। शुक्रवार को वकीलों ने तहसील गेट पर नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की तथा सरकार से महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस देश में महापुरुषों की मूर्तियां सुरक्षित नहीं है। वहां आम जनता का क्या हाल होगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी, डा. अंबेडकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिन्होंने देश की आजादी के लिये सब कुछ त्याग दिया है। ऐसे विभूतियों की मूर्तियां भी सुरक्षित नहीं है तो सरकार का क्या औचित्य है। कहा कि इन विभूतियों की मूर्तियों को देख उनके कार्यों को याद करते हैं और उनसे प्रेरणा लेते हैं। इसी उद्देश्य से विभूतियों की मूर्तियां लगाई जाती है। इस मौके पर विरेंद्र सिंह दाढ़ी, अजय कुमार सिंह, शैलेंद्र पांडेय, आशुतोष सिंह, दुर्गेश सिंह, प्रभु पाठक, उपेंद्र नारायण सिंह, अतुल तिवारी, सुरेश यादव, योगेंद्र मिश्रा, अशोक मिश्रा, संतोष सिंह, दुर्ग विजय सिंह, दशरथ यादव मौजूद रहे।