सकलडीहा। नागेपुर गांव में बुधवार को सुबह एक मुस्लिम की शव दफन के लिए खोदी जा रही कब्र को एक अधिवक्ता द्वारा न्यायालय का स्थगन आदेश का हवाला देते हुए रोक दिया गया। जिसे लेकर मुस्लिम बंधुओं में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ की सूझबूझ से शव के दफन होने पर मुस्लिम बंधु वापस लौट गए। इस दौरान घंटों तनाव की स्थिति बनी रही।
सकलडीहा कस्बा के मुहम्मद मुस्तकीम (58) की सुबह निधन हो गया। परिवार के लोग नागेपुर गांव स्थित कब्रिस्तान में शव दफन के लिये गड्ढ़ा खोद रहे थे। इसी बीच बार एसोसिएशन सकलडीहा के पूर्व महामंत्री भूपेन्द्र नारायण सिंह ने कमिश्नरी का स्थगन आदेश का हवाला देते हुए कब्र खोदने से रोक दिया। इसकी जानकारी होते ही काफी संख्या में मुस्लिम कब्रिस्तान के पास पहुंच गए। मामला तनावपूर्ण होने पर एसडीएम विकास सिंह व सीओ कुलदीप गुप्ता कोतवाली पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिवक्ता द्वारा कमिश्नरी का स्थगन आदेश दिखाया गया। बावजूद पुलिस फोर्स के बीच शव दफन होने पर मुस्लिम बंधु शांत हुए। इस बाबत एसडीएम विकास सिंह ने बताया कि सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोशिश की गई है। न्यायालय के आदेश सर्वोपरि है। अधिवक्ता ने तहसील प्रशासन पर मनमानी करने का लगाया आरोप बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री भूपेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि आराजी नम्बर 119 रकबा 22 डिसमिल पर कमिश्नरी से स्थगन आदेश पारित है कि किसी प्रकार का निर्माण, शव दफन करने व मौका परिवर्तित करने पर संबंधी एवं सम्पूर्ण क्रियाओं से विपक्ष को निषेधित करते हुए विवादित भूमि पर यथा स्थिति कायम करने का आदेश पारित है। मगर अधिकारियों ने मनमानी किया।