पीडीडीयू नगर। 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी और अंतिम चरण में मतदान की प्रकिया जिले में हल्की नोंकझोंक और मारपीट के बीच संपन्न हो गई। इसी के साथ प्रत्याशियों के भाग्य भी ईवीएम में कैद हो गए। अब इनके तकदीर का फैसला 23 मई को होगा। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई और शुरूआती दौर में एक दर्जन से अधिक बूथों पर ईवीएम खराब होने और गड़बड़ी की शिकायतें आईं। इससे 20 मिनट से लेकर करीब घंटेभर तक मतदान प्रभावित रहा। कई बूथों पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई। इसके अलावा पीडीडीयू नगर के एक मतदेय स्थल पर भाजपा और सपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
जिले में इस बार 60.22फीसदी मतदान हुआ जबकि लोकसभा चुनाव 2914 में 57.5 फीसदी वोट पड़े थे।
वहीं पीडीडीयू नगर में छत्रपति शिवाजी जूनियर हाईस्कूल पर बने मतदेय स्थल पर झंडा हटाने को लेकर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। बाद में मामला शांत हो गया लेकिन कुछ देर बाद वहां विधायक साधना सिंह पहुंच गई और विवाद फिर बढ़ गया। भाजपा और सपा समर्थक आमने सामने आ गए और लाठी चलाने से लेकर हल्का पथराव भी हुआ। बाद में मामला शांत हो गया।
जिले में 1756837 मतदाताओं के लिए 918 मतदान केंद्रों पर 1533 बूथ बनाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी संतोष कुमार सिंह दिनभर बूथों का चक्रमण करते रहे। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ जिले के कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई। चकिया के मुजफ्फरपुर बूथ पर तीनों ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के चलते साढ़े सात बजे के बाद मतदान शुरू हुआ। प्राथमिक पाठशाला सुल्तानीपुर लेडुवापुर, प्राथमिक विद्यालय भुड़कुड़ा, इलिया कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय, एसजी पब्लिक स्कूल पीडीडीयू नगर, ताहिरपुर मे ईवीएम में खराबी से 20 मिनट से लेकर घंटेभर तक मतदान प्रभावित हुआ। तमाम अव्यवस्थाओं के बीच मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना। मतदान केंद्रों पर सुबह ही मतदाताओं की कतार लगी। दिन चढ़ने के साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ता रहा। सुबह नौ बजे तक जिले में 9.62 प्रतिशत मतदान हुआ तो 11 बजे तक 21.74 प्रतिशत लोगों ने मतदान कर लिया। एक बजे तक 35.96 प्रतिशत और तीन बजे तक 49 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मतदान किया। नगर के सटे छत्रपति शिवाजी स्कूल सिकटिया में बने मतदान केंद्र पर भाजपा और गठबंधन के समर्थकों के बीच तनाव रही। दोपहर में दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सूचना पाकर मुगलसराय विधायक साधना सिंह पहुंची, इससे स्थिति तनाव पूूर्ण हो गया। बाद में एसडीएम, सीओ सहित बड़े पैमाने पर पहुंची पुलिस बल ने उपद्रवियों को हटाया। जिले में 160 माडल और चार सखी बूथ बनाए गए। यहां मतदान केंद्र को सजाया गया, जो मतदाताओं के लि आकर्षण का केंद्र रहा।
मतदाता सूची में त्रुटि से वोटरों को हुई परेशानी
सूची में नाम नहीं मिलने से बिना वोट दिए लौट गए मतदाता
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौली। 17वीं लोकसभा के अंति चरण का मतदान रविवार को भारी उत्साह के साथ शुरू हुआ, लेकिन लचर व सुस्त प्रशासनिक व्यवस्था एवं मतदाता सूची में भारी खामियों के कारण मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने आए मतदाताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। किसी का नाम बदला हुआ तो किसी की तस्वीर ही बदल दी गई थी। एक ही ंपरिवार के अलग-अलग सदस्यों का नाम अलग-अलग वार्डों में चला गया था। जिससे नाम खोजने में बीएलओ समेत मतदाताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं कुछ लोग निराश होकर बूथों से बिना वोट डाले ही वापस लौट गए।
जिला मुख्यालय स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की तो यहां सात बूथ बनाए गए थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, बूथों पर भीड़ भी बढ़ी। इसके साथ ही मतदाताओं की दुश्वारियां भी बढ़ने लगी। स्थिति यह रही कि एक ही परिवार के लोग अलग-अलग बूथों पर वोट डालने के लिए कतारबद्ध दिखे, क्योंकि उनके वोट अलग-अलग वार्डों की सूची में त्रुटिवश सम्मिलित हो चुके थे। जिला मुख्यालय स्थित चारों मतदान केन्द्र का हाल यही था। इस कारण जहां राजनीतिक दलों के सहायता केन्द्र पर लोग मतदाता सूची में अपनी नाम खोजने में परेशान दिखे, वहीं दूसरी ओर मतदान केन्द्र के अंदर बीएलओ भी इसी काम में परेशान रहे।
चंदौली। 17वीं लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुरू हुआ तो जिला प्रशासन की खामियों का पुलिंदा एक-एक कर खुलने लगा। मतदान को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए बूथों पर तैनात किए गए मतदान कर्मियों में प्रशिक्षण का जबरदस्त अभाव दिखा, जिससे बूथों पर मतदान की गति काफी धीमी रही। इस वजह से मतदाताओं को तेज धूप में घंटों कतारबद्ध होकर बाहर खड़ा रहना पड़ा। नाराज मतदाताओं ने वोटिंग में लगे कर्मचारियों ने जमकर कोसा।
दरअसल जिला मुख्यालय पर मतदान शुरू होते ही वोटरों का भारी हुजूम बूथों पर उमड़ा। जिन बूथों पर पीठासीन अधिकारी के अतिरिक्त तदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय समेत अन्य कर्मचारी प्रशिक्षित थे, वहां मतदान प्रतिशत तेज रहा और लोगों कीकतार घंटे भर में सिमट गई। वहीं कुछ बूथ ऐसे भी थे जहां मतदान की प्रक्रिया इतनी धीमी थी कि एक-एक मतदाता को वोट डालने में पांच से सात मिनट का समय लग जा रहा था, जिससे वोटर खासे नाराज रहे। मतदाताओं का आरोप था कि बूथों पर पूर्ण रूप से ट्रेनिंग प्राप्त मतदान कर्मियों को ही लगाया चाहिए था, ताकि वोटरों को वोट डालने के लिए इतना इंतजार नहीं करना पड़ा। जिला मुख्यालय की बात करें तो कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बूथ संख्या 382 पर मतदान की प्रक्रिया काफी धीमी रही। वहीं प्राथमिक पाठशाला प्रथम पर बने बूथ 389 पर मतदान की गति काफी धीमी रही। कुछ ऐसा ही हाल कन्या प्राथमिक पाठशाला के दोनों बूथों पर देखना पड़ा। जिला मुख्यालय सहित सकलडीहा में वोटरों ने धीमी गति से मतदान कराने का आरोप लगाया। कहा कि इससे लाइन लंबी लगती जा रही है।
चंदौली। 17वीं लोकसभा निर्वाचन में मतदान को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। युवा मतदाताओं के साथ-साथ महिलाओं एवं बुजुर्गों ने लोकतंत्र के महापर्व का जमकर लुत्फ उठाया और अपने मतदान केन्द्र पर जाकर वोट दिए। इस दौरान बुजुर्ग, बीमार व विकलांग मतदाता बड़े पैमाने पर बूथ पर पहुंचे और उन्होंने पसंद के उम्मीदवार को वोट डाले। हालांकि ऐसे वोटरों को निर्वाचन आयोग की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं नदारद दिखीं। दरअसल निर्वाचन आयोग मतदान प्रतिशित बढ़ाने एवं मतदाताओं की सुविधा के लिए अबकी बार बूथों पर कई नई सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश जिला निर्वाचन विभाग को दिए थे, जिसमें विकलांग, वृद्ध व बीमार मतदाताओं की सहूलियत का खास ख्याल रखा गया था, ताकि इन्हें मतदान केन्द्र पर वोट डालने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। विकलांगों के लिए न तो रैम्प दिखा और ना ही उनके बैठने के लिए कुर्सी के इंतजाम थे। सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही विकलांग, वृद्ध व बीमार मतदाता अपने परिवार के सदस्यों के साथ स्कूटर, बाइक व रिक्शा-ट्राली पर सवार होकर पहुंचे और अपना मत डाला। कुछ मतदाता बैशाखी के सहारे अकेले ही मतदान स्थल पर वोट डालने के लिए पहुंच गए थे, जिनके जज्बे को लेकर बूथ पर मौजूद पोलिंग एजेंटों ने उनकी मदद की और उन्हें मतदान कक्ष तक ले गए।
कंट्रोल रूम से शिकायतों का हुआ निस्तारण
चंदौली। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम में रविवार को मतदान तिथि को पूरे दिन टेलीफोन की घंटी बजती रही। इस दौरान समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल प्रभारी डा. एमपी चौबे अपने दल-बल के साथ पूरी मुश्तैदी के साथ जुटे रहे। सुबह से लेकर दोपहर तक लगभग 60 शिकायतें मतदाताओं ने दर्ज करायी। वहीं कुछ लोग फोन के जरिए जनपद में चल रहे मतदान का प्रतिशत जानते रहे। दोपहर 11 बजे तक करीब 22 फीसद मतदान पूर्ण हो चुका था।
विदित हो कि कलेक्ट्रेट भवन में मतदान सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिले का कोई भी मतदाता 1950 हेल्पलाइन नंबर पर काल करके मतदाताओं को शिकायत दर्ज कराने सुविधा दी गई है। अब तक1370 शिकायतें दर्ज हुई थी, वहीं रविवार मतदान के दिन 60 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें ईवीएम की खराबी सहित और मतदाता सूची में नाम नहीं शामिल होने की शिकायतें सामने आई। कंट्रोल रूम की पहल पर सभी शिकायतों फौरी तौर पर निस्तारण किया गया। कंट्रोल रूम प्रभारी डा. एसपी चौबे ने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण कर दिया। पूरे दिन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया सम्पन्न करायी जाएगी।
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जनप्रतिधिनियों ने डाले वोट
चंदौली। लोकतंत्र के महापर्व में रविवार को जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों व राजनेताओं ने अपने वोट की आहुति डाली और इस ऐतिहासिक पल के भागीदार बने। जनप्रतिनिधियों न केवल खुद मतदान किया, बल्कि अपने गांव, मजरे व वार्डों में मतदाताओं को वोट डालने का आह्वान किया।
इस क्रम में सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू अपने गांव माधोपुर स्थित बूथ पर जाकर मतदान किया और वहां मौजूद मतदाताओं से मतदान का आह्वान किया। इसके बाद ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत पर धानापुर व धरांव बूथ का अवलोकन किया और वहां मौजूद बूथ एजेंट व वोटरों से हाल-चाल जाना। उधर, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र के ताजपुर गांव स्थित अपने बूथ जाकर मतदान किया। उधर, सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव कैलावर गांव स्थित बूथ पर जाकर वोट दिया और उन्होंने वहां मतदान की व्यवस्थाएं देखी। मुगलसराय विधायक साधना सिंह ने भी सपरिवार जिला मुख्यालय स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर बने बूथ पर जाकर वोट डाला। सकलडीहा कस्बा स्थित बूथ पर सूबे के राज्यमंत्री अनिल राजभर ने वोट डाला।
मतदान को लेकर रहे उत्साहित
चंदौली। लोकसभा चुनाव के दौरान रविवार को हो रहे मतदान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। कई स्थानो पर भले ही देर से मतदान शुरू हुआ, लेकिन मतदाता धैर्य के साथ अपने बारी का इन्तजार करते रहे जैसे ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई वैसे ही मतदान के लाईन में लग गए।
जनपद में चन्दौली संसदीय सीट व राबर्टगंज की संसदीय सीट के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान के लिए जनपद में कुल 1535 बूथ बनाये गए है। जहां शुरूआती दौर में इवीएम में खराबी आ गई जिससे लोगों को मतदान करने में परेशानी हुई। वहीं मतदाता धैर्य से अपनी बारी का इंतजार करते रहे और मतदान किया।
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चंदौली17वीं लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी और अंतिम चरण में मतदान की प्रकिया जिले में हल्की नोंकझोंक और मारपीट के बीच संपन्न हो गई। इसी के साथ प्रत्याशियों के भाग्य भी ईवीएम में कैद हो गए। अब इनके तकदीर का फैसला 23 मई को होगा। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई और शुरूआती दौर में एक दर्जन से अधिक बूथों पर ईवीएम खराब होने और गड़बड़ी की शिकायतें आईं। इससे 20 मिनट से लेकर करीब घंटेभर तक मतदान प्रभावित रहा। कई बूथों पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई। इसके अलावा पीडीडीयू नगर के एक मतदेय स्थल पर भाजपा और सपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जिले में इस बार 56.3 फीसदी मतदान हुआ जबकि लोकसभा चुनाव 2914 में 57.5 फीसदी वोट पड़े थे।वहीं पीडीडीयू नगर में छत्रपति शिवाजी जूनियर हाईस्कूल पर बने मतदेय स्थल पर झंडा हटाने को लेकर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। बाद में मामला शांत हो गया लेकिन कुछ देर बाद वहां विधायक साधना सिंह पहुंच गई और विवाद फिर बढ़ गया। भाजपा और सपा समर्थक आमने सामने आ गए और लाठी चलाने से लेकर हल्का पथराव भी हुआ। बाद में मामला शांत हो गया। जिले में 1756837 मतदाता वोट करेंगे। इसके लिए 918 मतदान केंद्रों पर 1533 बूथ बनाए गए थे।