सैयदराजा। पीडीडीयू-गया रेलवे रूट पर स्थानीय थाना अंतर्गत बरठी कमरौर फाटक के समीप रेलवे की भूमि पर वर्षों से कब्जा किये लोगों के खिलाफ रविवार को रेलवे, जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। अतिक्रमण के चलते रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के तहत रेल लाइन नहीं बिछ पा रही थी। रेलवे सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस, पीएसी और अधिकारियों की मौजूदगी में चार झोपड़ियों को जमींदोज कर दिया गया। वहां लगे हैंडपंप को उखाड़ दिया गया और खाली हुए भूमि को समतल कर दिया गया।
बरठी कमरौर रेलवे फाटक के पास रेलवे लाइन के किनारे की भूमि पर कुछ लोगों ने वर्षों पहले कब्जा कर झोपड़ियों बना ली थी। इससे रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के तहत रेलवे लाइन बिछाने में दिक्कत हो रही थी। रेलवे भूमि खाली करने के लिए कई हिदायत दे रहा था। लेकिन लोग जमीन खाली नहीिं कर रहे थे। फ्रेट कॉरिडोर के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश बाबू ने पिछले दिनों जिला प्रशासन से भूमि खाली कराने में सहयोग की मांग की थी। रविवार को 11 बजे एसडीएम सदर आशीष कुमार, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, आरपीएफ इंस्पेक्टर एएस खां की देख रेख में फतेहपुर 12वीं बटालियन, इलाहाबाद से 40वीं बटालियन, मिर्जापुर से 39वीं बटालियन पीएसी, अग्नि शमन दल, दंगा नियंत्रण दस्ता, महिला कांस्टेबलों की टीम पहुंच गई और अतिक्रमण हटाने की शुरूआत की। अभियान के दौरान झोपड़ियों में रहने वाली महिलाओं ने विरोध किया पर सुरक्षा बलों को देख कर उनका विरोध कमजोर पड़ गया। इसके बाद जेसीबी से चार झोपड़ियों व एक हैंडपंप को उखाड़ फेंक दिया और मिट्टी गिराकर भूमि समतल कर रास्ता बना दिया गया इस दौरान झोपड़ियों में रहने वाले के लिए पेयजल की समस्या को देखते हुए कुछ दूर हैंडपंप लगवाया गया। अभियान के दौरान नायब तहसीलदार बृजेश कुमार सिंह, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर एसके मिश्रा, सैयदराजा थानाध्यक्ष एसपी सिंह रहे।
सैयदराजा बरठी कमरौर रेलवे की जमीन पर से अवैध अतिक्रमण हटाने गई पोकलैंड एक नाले में फंस गई। उसे निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। इससे कुछ देर के लिए अतिक्रमण हटाने का कार्य रुक गया। उसे किसी तरह से बाहर निकाला गया और उसके बाद अतिक्रमण हटाया गया।