इलिया। क्षेत्र के बरांव गांव में एक व्यक्ति को डेंगू होने की सूचना पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंची और रक्त का नमूना लिया और परिवार के लोगों को सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा गांव में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव करवाया
पीड़ित जगदीश के परिजनों ने बताया कि वे वाराणसी के बीएचयू के पास मंगलम गेस्ट हाउस में कार्य करते थे। वहीं इनको बुखार आया। तबीयत में सुधार न देख परिजन उन्हें घर ले आए। उनका इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया जा रहा है। गांव पहुंचे डा. एमके विश्वास ने उपस्थित ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी को बुखार आए तो तुरंत उसे आशा से मिलकर खून की जांच अवश्य कराएं। डा. एके मिश्रा ने कहा कि बरसात के समय पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण हैंडपंपों का पानी दूषित हो जाता है। इसके सेवन से अनेक बैक्टेरिया जनित रोग हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए 20 लीटर पानी में क्लोरीन की एक गोली डालकर उस पानी का प्रयोग 24 घंटे के अंदर करें। इसके साथ ही साफ सफाई का भी ध्यान रखें, जिससे मच्छरों के प्रजनन को कम किया जा सके। टीम ने गांव की गलियों में मच्छर रोधी दवा का छिड़काव करा तालाबों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाया। साथ ही जांच के लिए दो हैंडपंपों से पानी का नमूना लिया। स्वास्थ्य टीम में अजय कुमार मिश्रा, महेश प्रशाद कुरील, कैलाश, अनिल कुमार शामिल रहे।