फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाठी जार्च के विरोध में ग्राम रोजगार सेवकों ने दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
चंदौली। लखनऊ में ग्राम रोजगार सेवकों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के सदस्यों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया। सदर ब्लाक परिसर से जुलूस के रूप में धरना स्थल पहुंचे रोजगार सेवकों ने प्रदेश सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए अपने हक के लिए आवाज बुलंद की। अंत में लाठी चार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्घ आपराधिक मुकदर्मा दर्ज करने और रोजगार सेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने संबंधी मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री मांगपत्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को सौंपा।
विज्ञापन

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक गत 12 सितंबर से ही लखनऊ में धरना दे रहे हैं। धरने के चौदहवें दिन जब कोई सक्षम अधिकारी या शासन का प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा तो रोजगार सेवक विधान सभा की तरफ कूच कर दिए। इस दौरान पुलिस द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों पर लाठी चार्ज किया गया और 91 लोगों को जेल भेज दिया गया। पुलिस का यह कृत्य निंदनीय है। कहा कि पंचायत सहायक की भर्ती पर रोक लगाने, रोजगार सेवकों को समूह ग के राज्य कर्मचारियों के समान वेतन देने, जाब चार्ट में मनरेगा के अतिरिक्त और भी कार्य जोड़ने, बकाया मानदेय के भुगतान सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार समस्याओं को लेकर उदासीन बनी हुई है। कहा कि अपने हक के लिए प्रदेश भर के ग्राम रोजगार सेवक लखनऊ डंटे हुए हैं। कहा क िपुलिस लाठी के बल पर रोजगार सेवकों की आवाज को नहीं दबा सकती है। कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 अक्तूबर को विधान सभा का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें