चंदौली। सदर तहसील में गुरुवार को सदर तहसीलदार फूलचंद्र यादव और अधिवक्ताओं के बीच हुई नोकझोंक का मामला तूल पकड़ने लगा है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में लामबंद जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों ने एडीएम बच्चालाल से मिलकर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया। वहीं शाम को तहसीलदार फूलचंद्र यादव ने कोतवाली पहुंचकर तीन अधिवक्ताओं सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। वहीं राजस्व कर्मियों ने भी तहसीलदार के समर्थन में कार्य का बहिष्कार किया। उधर, मुकदमा दर्ज होने की जानकारी के बाद अधिवक्ता भी आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।
दरअसल गुरुवार को कुछ अधिवक्ता तहसीलदार के कार्यालय में गए थे। वहां किसी बात पर विवाद हो गया। इसके बाद तहसीलदार फूलचंद्र यादव गुरुवार को एसपी को पत्रक देकर आरोप लगाया था कि कुछ अधिवक्ताओं ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। बताया यह भी जा रहा है कि संग्रह धावक मनोज कुमार ने सदर कोतवाली में अधिवक्ता जितेंद्र सिंह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया है उसी सिलसिले में अधिवक्ता तहसीलदार के यहां गए थे। तहसीलदार का आरोप है कि इसी मामले को लेकर गुरुवार को करीब दो दर्जन अधिवक्ता तहसील में पहुंचे। वहीं, एसडीएम व तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही एफआईआर वापस लेने को दबाव बनाने लगे। घटना के बाद तहसीलकर्मियों में नाराजगी व्याप्त है। शुक्रवार को सदर तहसीलदार ने कोतवाली में तहरीर देकर अधिवक्ता जितेंद्र सिंह, राजबहादुर सिंह व संतोष पांडेय सहित 20 अज्ञात के विरुद्ध मारपीट व गालीगलौज का मुकदमा दर्ज कराया है। इससे पहले शुक्रवार को सभी एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां एडीएम बच्चालाल से मिलकर पुलिस विभाग को कार्रवाई के दबाव बनाया। चेताया कि कार्रवाई न होने पर जिले सभी तहसीलों में सरकारी कार्य ठप करा दिया जाएगा। कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील संवर्ग के सभी कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार व आंदोलन करेंगे।
सदर तहसीलदार फूलचंद्र यादव के तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद व 20 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। - प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ सदर।