टांडाकला। क्षेत्र के मारूफपुर गांव में सिंचाई के लिए लगे नलकूप का मोटर विगत तीन माह से जला है। विभाग के अधिकारियों व अभियंता की लापरवाही से तीन माह के बाद भी जले मोटर को ठीक नहीं कराए जाने से किसानों की धान फसल पानी के अभाव में बर्बाद हो रही है। इसे लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ी जा रही है।
गांव में वर्ष 2010 में नलकूप लगाया गया था। इससे लगभग 30 एकड़ भूमि की सिंचाई की जाती रही है लेकिन रखरखाव व देखभाल में नियुक्त कर्मचारियों की लापरवाही से उक्त नलकूप का मोटर पिछले जून माह से ही जला पड़ा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद विभाग के कर्मी मोटर खोलकर बनाने के लिए ले गए और एक दिन बाद ले आकर लगा भी दिया। मोटर लगाते समय बिजली न रहने से वे मोटर चला कर टेस्टिंग किये बिना ही चले गए। जब बिजली आई तो नलकूप नहीं चला। आपरेटर ने अपने अधिकारियों को इससे अवगत कराया। जब दूसरे दिन विभाग के कर्मचारियों कीजंच में पाया गया कि मोटर जला हुआ ही है। इससे किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उन्होंने जले मोटर के मरम्मत कराए जाने की मांग की है।