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गरीब बच्चों का नामांकन नहीं करने पर होंगी कार्रवाई

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चंदौली। नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा(आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश देने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीबीएसई के प्रधानाचार्यो और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें डीएम नवनीत सिंह चहल ने सभी विद्यालयों को तय सीटो में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का नामांकन करने का निर्देश दिया। साथ ही शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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केंद्र सरकार ने एक से चौदह वर्ष के आयु वर्ग के सभी बच्चों की स्वतंत्र और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारी किया है। बच्चों के नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा (आरटीई) प्रत्येक बच्चे को औपचारिक विद्यालय में संतोषजनक और न्यायसंगत गुणवत्ता की पूर्णकालिक प्राथमिक शिक्षा का अधिकार है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने स्कूलों के प्रधानाचार्यो को बताया कि शिक्षा के अधिकार के तहत जनपद में 1300 बच्चों ने सीबीएसई माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आवेदन किया है। जिसमें जांच पड़ताल के बाद 1205 बच्चों को चयनित किया गया है। इसके लिए उन्हे समीप के स्कूल आवंटित किया गया है। ऐसे में स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य, बच्चों का नामांकन अपने विद्यालय में कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान डीएम ने बच्चों और अभिवावकों की शिकायत पर सनबीम स्कूल मुगलसराय के प्रधानाचार्य से नियमों का पालन करने और बच्चों के नामांकन करने निर्देश दिया। कहा कि नि: शुल्क शिक्षा और अनिवार्य शिक्षा का अर्थ है कि सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा का अधिकार हो। कहा कि पड़ोस के स्कूल में प्राथमिक शिक्षा के पूरा होने तक बच्चों के लिए स्वतंत्र और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है। इस नियम के तहत स्कूल एक से पांच वर्ष के बच्चों को प्री नर्सरी तथा पांच से छह वर्ष के बच्चों का नामांकन एक में करें। इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद राय, प्रधानाचार्य मेजर अमरेंद्र सिंह, सीके पालित, पीके सिंह, रोनी सिंह, सिस्टर बीना, जे जोसफ, एस शिवहरे उपस्थित थे।
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