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आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा

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मुगलसराय। जनपद के अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय चंदौली में विचाराधीन मुकदमे में शनिवार को न्यायाधीश सुधाकर राय ने हत्या के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं पचास हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है। इस दौरान उन्होंने मुकदमे के दूसरे आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। इसके बाद दोषी को वहीं से जेल भेज दिया गया।
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22 अप्रैल 2011 को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भोजपुर गांव स्थित एक खाली खेत में बोरे में बंधा शव बरामद हुआ था। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल में जुट गई। मृतक की शिनाख्त मुन्ना उर्फ औजार के तौर पर हुई। जांच के दौरान हत्या में आशीष चंद्र तिवारी व बेबी शर्मा का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने आशीष को कस्टडी में लेकर पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर पुलिस ने राजघाट पुल के पहले झाड़ियों से चाकू बरामद किया। पुलिस की ओर से न्यायालय में आशीष और बेबी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण में अभियोजन अधिकारी राम अवध यादव की ओर से पेश की गई दलीलों एवं पुलिस की ओर से दिए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश /एफटीसी द्वितीय सुधाकर राय ने आरोपी आशीष चंद्र तिवारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं बेबी शर्मा को हत्या के आरोप से दोषमुक्त करते हुए मामले में बरी कर दिया।
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