पीडीडीयू नगर। सड़क पर दौड़ रहे ई- रिक्शा, ऑटो व मैजिक में तमाम ऐसे हैं, जिनका फिटनेस नहीं है। संभागीय परिवहन विभाग में 514 ई- रिक्शा, 257 ऑटो और 371 मैजिक की फिटनेट फेल हो चुकी है। अधिकारी ऐसे वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के बजाय चालान करके अपने कर्तव्य की कार्यों से इतिश्री कर लेते हैं।
जिले में सवारी वाहन के रूप में ई-रिक्शा, ऑटो और मैजिक का इस्तेमाल होता है। स्थानीय परिवहन के लिए लोग ऑटो और मैजिक का उपयोग ज्यादा करते हैं। चकिया, चंदौली, सकलडीहा, सैयदराजा, धानापुर, चहनिया, धीना आदि स्थानों पर जाने के लिए लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। संभागीय परिवहन विभाग में 1559 ई-रिक्शा, 1392 ऑटो और 958 मैजिक पंजीकृत है। इसमें से 514 ई- रिक्शा, 257 ऑटो और 371 मैजिक का फिटनेट फेल हो चुका है। इन वाहनों का फिटनेस फेल होने के कारण इनसे हादसे की आशंका बनी रहती है। इतनी बड़ी संख्या में सवारी ढोने वाले वाहनों के अनफिट होने से अधिकारियों की कार्य प्रणाली भी सवालों के घेरे में है। जबकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से आये दिन सड़क सुरक्षा सप्ताह व माह जैसे कार्यक्रमों का आयोजन यातायात और एआरटीओ विभाग की ओर से किया जाता है।
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ऐसे वाहनों के विरूद्ध लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। जिन वाहनों के फिटनेस फेल है उन वाहनों के स्वामियों को नोटिस भेजा जाएगा। वहीं ऐसे वाहन सड़क पर चलते मिले तो उन्हें सीज कर दिया जाएगा।-राम सिंह, एआरटीओ प्रशासन,चंदौली