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आठ दिनों का होगा वासंतिक नवरात्र, सजने लगी दुकानें

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पीडीडीयू नगर। देवी उपासना का महापर्व वासंतिक नवरात्र छह अप्रैल से शुरू हो रहा है। इसकी तैयारी में देवी उपासक जुट गए हैं। इस बार तिथियों के हेर फेर की वजह से नवरात्र आठ दिनों का ही होगा। छह अप्रैल को घरों में कलश स्थापित किया जाएगा जबकि 13 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। बाजार में भी पूजन सामग्री और कलश दुकानें सजने लगी है।
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नौ दिवसीय देवी उपासना का पर्व शुरू होता है। घरों में कलश स्थापित कर मां के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। और दुर्गा सप्तशति का पाठ होता है। नवमी को हवन पूजन कर नौ दिवसीय पूजन का समापन किया जाता है। नवमी को ही विष्णु के अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मदिन मनाया जाता है। पंडित कुंजबिहारी मिश्र के अनुसार इस बार छह अप्रैल से नवरात्र की शुरूआत होगी। नवमी चौदह अप्रैल को है लेकिन सुबह छह तक ही इसका मान है। जबकि भगवान राम का जन्म दोपहर में कर्क राशि में होता है। वहीं दशमी तिथि की हानि है। ऐसे में 13 अप्रैल शनिवार को ही महानवमी मनाई जाएगी। इस दिन 11.30 बजे से दोपहर 01.51 बजे तक कर्क राशि है। इसी समय घरों में ध्वजारोपण किया जाएगा। 14 अप्रैल को सुबह छह बजे के बाद दशमी तिथि चढ़ जाएगी जो भोर में 3.36 मिनट तक चलेगी। सूर्योदय में दशमी न मिलने की वजह से दसमी तिथि की हानि है। इसी दिन नवरात्र का पारण होगा।
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पीडीडीयू नगर। वासंतिक नवरात्र में कलश स्थापन के लिए 45 मिनट का अभिजीत मुहूर्त होगा। प्रतिपदा तिथि को दिन में 11.35 से 12.24 तक अभिजीत मुहूर्त है। इस समय कलश स्थापना करना अत्यधिक फलदाई होता है।
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पीडीडीयू नगर। आठ दिनों के लिए नवरात्र की वजह से हिन्दी नया वर्ष काफी उथल पुथल वाला होगा। देश में राजनीतिक उथल पुथल के साथ बाढ़ और तुफान आने की भी आशंका है। पंडित कुंज बिहारी मिश्र के अनुसार नववर्ष के मंत्रीमंडल का असर पड़ता है। नवसंवत्सर में राजा शनि हैं जबकि मंत्री रवि हैं। पिता पुत्र होने की वजह से दोनों के बीच हमेशा ठनी रहती है। इसका असर इंसानी जिंदगी पर पड़ेगा। पंचांग के अनुसार यह वर्ष महंगाई बढ़ाने वाला और उपद्रव कराने वाला है। चुनावी लिहाज से देखें तो सरकार भी डांवाडोल वाली ही होगी। इस वर्ष के शेष शुक्र हैं, ऐसे में इस बार रसीले फलों का उत्पादन कम होगा लेकिन धनेश चंद्र होने की वजह से अनाज का उत्पादन खूब होगा।
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