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सरकार करे मांगों पर विचार नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

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चंदौली। पुरानी पेंशन बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को भी कार्य बहिष्कार करते हुए एक्सईएन कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेताया कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन को विवश होंगे। वहीं मुख्यालय के डाकघर के कर्मचारियों ने भी मांगों के समर्थन में हड़ताल किया। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन और संविदा कर्मियों को नियमित करने सहित अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे अनसुना कर रही है। कहा कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंण्डमेंट बिल 2018 के जनविरोधी प्रतिगामी प्राविधानों का बिजली कर्मचारी और इंजीनियरज प्रारम्भ से ही विरोध करते रहें हैं। केंद्र सरकार को लिखित तौर पर कई बार पत्रक दिया जा चुका है। बिल पारित हो गया तो सब्सिडी और क्रास सब्सिडी तीन साल में समाप्त हो जाएगा। इससे किसानों और आम उपभोक्ताओं की बिजली महंगी हो जाएगी। जबकि उद्योगों और व्यवसायिक संस्थानों के बिजली दरों में कमी की जाएगी। कहा कि संशोधन के अनुसार हर उपभोक्ता को बिजली लागत का पूरा मूल्य देना होगा। वहीं बिजली की दरें 10 से 12 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। वक्ताओं ने इलेक्ट्रिसिटी अमेण्डमेंट बिल 2017 को वापस लेने, बिजली निगमों का एकीकरण करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। इस दौरान दलसिंगार यादव, शिव नरायण, गुलशन, डीके पांडेय, अभिमन्यु प्रसाद, मनोज कुमार, रवि, जितेंद्र, राजू, रामा, दयानन्द रहे। संचालन दिनेश कुमार सिंह ने किया।
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