चंदौली। ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायती राज विभाग ग्राम सचिवों को प्रशिक्षित कर रहा है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को विकास भवन सभागार में बरहनी, सदर और नियामताबाद विकास खंड के सचिवों को स्वच्छता संबंधी आवश्यक सुझाव दिए गए। इसके अतिरिक्त सरकार की नई योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान ग्राम सचिवों को राष्ट्रीय आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, गांव की सफाई रोस्टर व्यवस्था, सोशल आडिट, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी जानकारी दी गई। हालांकि प्रशिक्षण का मुख्य विषय गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने का था। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि ग्राम सचिव लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाने का प्रयास करते रहें ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर शौच न करे और शौचालयों का शत प्रतिशत प्रयोग सुनिश्चित कराया जा सके। इसके लिए ग्राम प्रधानों के सहयोग से बीच-बीच में ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन कर स्वच्छता के प्रति गांव के लोगों को प्रेरित किया जा सकता है। उन्हें खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। बताया कि प्रधानों को प्रेरित कर गांवों में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित कराकर भी गांव को स्वच्छ बनाया जा सकता है। इस दौरान अभिलेखों के रखरखाव और आडिट परिपालन, स्कूल और आंगनबाड़ी शौचालय और हैंडवाशिंग सुविधा आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय, डीडीओ पद्मकांत शुक्ल, एडीओ पंचायत नीरज कुमार सिन्हा, कमलेश पांडेय आदि रहे।