चंदौली। असलहा रखने के शौकीनों को सरकार से झटका लगा है। कारण यह कि शस्त्र लाइसेंस के लिए जो मानक तय किया गया है। उसमें आम लोगों को काफी दूर रखा गया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या फिर वरासत के अलावा किसी अपराध ग्रसित लोगों को वरियता सूची में रखा गया है।
असलहों की स्थिति यह हो गई है कि प्रदेश में सरकारी शस्त्रागारों में जितनी असलहे हैं उससे 40 गुना अधिक असलहा आम लोगों के पास है। इस पर रोक लगाने के लिए कुछ मानक तय किए गये हैं। अब लाइसेंस ऐसे लोगों को ही मिल सकेगा जो पात्र होंगे। इसके लिए शासन ने तीन बिंदु निर्धारित किया है। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, वरासत के रुप में लाइसेंस का स्थानांतरण या फिर किसी अपराध से भयभीत लोगों को छूट दी गई है। इन चार मानकों में से कोई भी एक मानक यदि लाभार्थी द्वारा पूरा किया जाता है तो उसे तकनीकी ज्ञान से गुजरना पडे़गा। ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिस लाइन से प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह का कहना है कि शस्त्र उसी को दिया जाना चाहिए जो इसके चलाने व रख रखाव की कला को जानता हो। ऐसे लोगों को किसी भी हालत में शस्त्र नहीं दिया जाना चाहिए जो पारंगत नहीं है। जो लोग शासन के मानक को पूरा करेगें। उन्हे ही प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।