कंदवा। चंदौली के पूर्ति निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय व बरहनी के पूर्ति निरीक्षक सुरेश श्रीवास्तव ने शनिवार को बरहनी गांव स्थित पंचायत भवन पर सस्ते गल्ले की दुकान का जांच कार्य किया। पूर्व में जांच के दौरान हुए बवाल को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिर्स और पीएसी की तैनाती की गई थी। गहमागहमी व विडियोग्राफी के बीच जांच प्रक्रिया सकुशल संपन्न हुई।
ग्रामीणों की शिकायत पर कोटेदार पुष्पा देवी के खिलाफ दोपहर 12 बजे से शुरू हुई जांच प्रक्रिया सायं चार बजे तक जारी रहा। वीडियो फोटोग्राफी के बीच हुई जांच में उपस्थित महिलाओं के बयान दर्ज किए गए। हालांकि इस दौरान पुरुष कार्डधारकों का बयान दर्ज नहीं हो पाना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोगों ने तहसील दिवस में कोटेदार के खिलाफ अनियमितता की शिकायत की थी। इस पर उपजिलाधिकारी के निर्देश पर बीते 19 नवंबर को जांच के लिए आए अधिकारियों के सामने ही कोटेदार पक्ष व विरोधी पक्ष में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद आए जांचकर्ता वहां से चले गए थे। इससे नाराज ग्रामीण सैयदराजा-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर धरने पर बैठ गए थे। सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने जांच का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। इसके बाद शनिवार को जांच का समय निर्धारित किया गया। अधिकारियों द्वारा आधा दर्जन थानों की पुलिस और पीएसी की उपस्थिति के बीच जांच प्रक्रिया सकुशल पूर्ण की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान कड़ाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्ड धारकों को ही जांच स्थल पर जाने की अनुमति दी गई थी। सुरक्षा के लिए कंदवा थाना के प्रभारी निरीक्षक सीके पुरी, रामपुर पुलिस चौकी इंचार्ज कपिलदेव यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पीएसी मौके पर तैनात थे। जांच करने वाले पूर्ति निरीक्षकों ने बताया कि जांच रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।