नौगढ़। अशिक्षा और गरीबी के चलते नौगढ़ की वादियों में पैदा हुआ नक्सल किसी सभ्य समाज के लिए अच्छा नहीं होता। यहां की सूरत बदलने के लिए पुलिस ने पहल शुरू की है। अब यहां के युवाओं को सेना और पुलिस में भर्ती होने से पहले उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर परिवार, समाज और देश के विकास में अपनी उपयोगिता साबित कर सकें। रविवार को नौगढ़ थाने में आयोजित लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईजी रेंज विजय सिंह मीना बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इलाके के युवाओं को सेना में कैसे भर्ती होना है, इसकी पूरी तैयारी कराई जाएगी और फार्म भी भरवाएं जाएंगे। वहां उपस्थित लोगों को आईजी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस उनके साथ है। पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न आयोजनों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए एसपी संतोष कुमार सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित भीड़ यह दर्शाती है कि पुलिस से प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है और पुलिस ने भी जनता का विश्वास जीता है। आईजी ने कहा कि यदि कोई बहू-बेटी पर अत्याचार कर रहा है, शराब पीकर कोई उत्पीड़न कर रहा है और आपराधिक लोग गांव में ठहरे हुए हैं तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, मदद होगी।
नौगढ़। नक्सल क्षेत्र नौगढ़ के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और रोजगार से जोड़ने के लिए चंदौली पुलिस ने बड़ी पहल शुुरू की है। रविवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह की पहल पर लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत हुई। साथ ही मेडिकल कैंप का भी आयोजन हुआ। इसमें शिक्षित बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, नाई, चालक, बढ़ई, सिलाई और सेना में भर्ती के लिए का प्रशिक्षण के रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया। वहीं मेडिकल कैंप में लोगों के आंखों की जांच हुई। आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने फीता काटकर नौगढ़ थाने में इसका उद्घाटन किया। बीएचयू के चिकित्सक भी शामिल रहे।
पहले दिन विभिन्न ट्रेडों के लिए 76 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। वहीं सेना में जाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह कार्यक्रम तीन महीने तक चलेगा। इसके अलावा स्वयंसेवी संगठन मातृभूमि सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित मेगा स्वास्थ्य कैंप में 1700 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करके दवाएं वितरित की गई। पुलिस अधीक्षक चंदौली संतोष कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। हर बुधवार को बुजुर्ग पुरुष और महिलाओं का आंखों का परीक्षण होता है और युवाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु उनकी इच्छा अनुसार विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आरके नेत्रालय वाराणसी के निदेशक आरके ओझा ने कहा कि इलाज के लिए अमेरिका जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी पूर्वांचल के डॉक्टरों ने काबिलियत और जज्बा दिखाया तो यहीं इलाज संभव होगा। बीएचयू के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक एवं एम्स कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर ओपी उपाध्याय ने कहा कि व्यवसायीकरण होने से सम्मान में कमी आएगी। सम्मान तभी मिलेगा जब चिकित्सक अपने कर्तव्यों का इमानदारी पूर्वक निर्वहन करेंगे। बीएचयू समाज शास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एके जोशी ने कहा कि अब भारत मेडिकल टूरिज्म बनता जा रहा है। इस मौके पर एडिशनल एसपी नक्सल वीरेंद्र सिंह यादव, सीओ नक्सल नीरज सिंह, सीओ चकिया कुंवर प्रभात सिंह, भाजपा के जिला महामंत्री प्रमोद तिवारी मौजूद थे।
मेडिकल कैंप में आंख की जांच कराए आए शमशेरपुर गांव के गौरी शंकर और जयसिंह को आईजी ने आंखों पर चश्मा लगाया। दोनों लोगों से पूछा कि लौकत ह न..। यह बात सभी को दिल को छू गई। दोनों वृद्धों ने कहा हां साहब काफी दूर तक दिखात बा..। वहीं आईजी वाराणसी ने एक पैर कटने के बाद विकलांग प्रमोद राम को कृत्रिम अंग लगाने के लिए 10000 की सहयोग राशि प्रदान की। यह राशि जिले के एक चौकी इंजार्ज की ओर से प्रदान किया।
चंदौली। नक्सल क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए पुलिस की पहल का लोगों ने स्वागत किया हैं। वहीं कम्यूनिटी पुलिसिंग कैंप में प्रशिक्षण लेने आए युवा भी जोश से लबरेज दिखे। कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने पुलिस द्वारा नक्सल क्षेत्र के युवाओं को स्वालंबी बनाने के पहल का स्वागत किया।
लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में एकौना शहाबगंज से आए इंटर के छात्र राहूल साहनी ने नाई के लिए पंजीकरण कराया। बताया कि पुलिस के प्रयास के चलते उसे स्वालंबी बनने का मौका मिला है। प्लंबर का ट्रेनिंग लेने आए मझगांई निवासी दशवीं कक्षा का छात्र धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षा के साथ साथ उसे रोजगार का प्रशिक्षण मिलने उसका भविष्य उज्वल होगा। कहा कि इससे नक्सल क्षेत्र के युवाओं का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा। चालक के लिए प्रशिखण लेने आए बाघी निवासी इम्तियाज ने बताया कि स्नातक के बाद बेरोजगार था और रोजगार की तलाश में कई शहरों में छोटे बड़े काम करने के बाद घर वापस लौट आया था। लेकिन पुलिस द्वारा आयोजित कैंप में प्रशिक्षण लेने के बाद उसके पास हुनर विकसित। वहीं सेना और पुलिस में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण लेने आए देवखत निवासी जितेंद्र यादव ने बताया कि प्रशिक्षण लेने के बाद उसे आगे की तैयारी करने में आसानी होगी। बताया कि पुलिस के प्रयास के चलते नौगढ़ के सैकड़ों युवा हुनरमंद बन चुके है और कई सरकारी सेवाओं में भर्ती हुए है।