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शादी अनुदान को भूल गये अधिकारी

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चंदौली। जिले में शादी अनुदान की योजना फिसड्डी है। चयन के बाद भी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिए चयनित पात्र पिछड़ा वर्ग कल्याण और समाज कल्याण विभाग को 1.90 करोड़ की धनराशि भी शासन से जारी हो चुकी है। मगर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब तक इसे पात्रों को दिया नहीं जा सका है। दोनों विभागों के 982 पात्र कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बाद शादी अनुदान की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। शादी अनुदान योजना में बीपीएल सूची में जीवन यापन करने वाले या फिर ग्रामीण क्षेत्र में जिनकी आय 46080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र मे जिनकी आय 56460 रुपये है ऐसे गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार बीस हजार रुपये का अनुदान देती है। जिले में पिछड़ा कल्याण विभाग में शादी अनुदान के लिए 1919 लोगों ने आवेदन किया। जिसकी जांच रिपोर्ट में 615 व्यक्ति पात्र पाए गए थे। इसके लिए विभाग को 1.23 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वहीं समाज कल्याण विभाग में 367 पात्रों के लिए 64 लाख रुपये का अनुदान मिल चुका है। धन अवमुक्त होने के बाद भी दोनों विभाग मिलकर अब तक 59 पात्रों को ही इस योजना का लाभ दिला सका है। बाकी पात्र दोनों विभागों का चक्कर काट रहे हैं मगर अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं।
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ऐसे होता है चयन
बीपीएल कार्ड धारकों की बेटियों की शादी होने से एक वर्ष के अंदर आन लाइन आवेदन करना होता है। आनलाइन आवेदन मिलने के बाद उसका सत्यापन ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ व शहरी क्षेत्र में एसडीएम स्तर से कराई जाती है। इसके बाद पात्रों का चयन होता है।
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-शासन से पैसा प्राप्त हो चुका है। वहीं कुछ कागजात का सत्यापन कराया जाता है। पैसा आने में कुछ देर हुआ है। इस माह तक सभी का पैसा खाते में भेज दिया जाएगा। रविंद्र कुमार यादव, पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी
-शासन से शादी अनुदान के लिए धन मिल चुका है। अगले सप्ताह तक पात्रों के खाते में पैसा भेजा जाएगा।
महेंद्र यादव, समाज कल्याण अधिकारी
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